ईरान में 13वें दिन भी नहीं थमे प्रदर्शन
ईरान में सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन अब बेहद हिंसक रूप ले चुके हैं। देश के 100 से ज्यादा शहरों में सड़कों पर लोग उतरे हुए हैं और आज इन प्रदर्शनों का 13वां दिन है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में इंटरनेट और फोन सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। Iran Protest Crisis के बीच अस्पतालों से आ रही जानकारी ने चिंता और बढ़ा दी है।
टाइम मैगजीन को एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सिर्फ तेहरान के छह अस्पतालों में 217 प्रदर्शनकारियों की मौत गोली लगने से हुई है। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ईरान में स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है।
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ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी
इन हालात के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का बयान सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान में हालात बेकाबू हो चुके हैं और अमेरिका को बीच-बचाव के लिए आना पड़ सकता है।
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, “अगर ईरान में लोगों को मारना नहीं रुका, तो हम वहां मारेंगे जहां सबसे ज्यादा दर्द होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका अपने सैनिक जमीन पर उतारेगा, लेकिन हमला बेहद जोरदार होगा। Donald Trump Iran threat को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पहले भी दे चुके हैं हमले की धमकी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान को लेकर ऐसी चेतावनी दी हो। इससे पहले भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि अमेरिका “locked and loaded” है और कार्रवाई के लिए तैयार है। ट्रंप का कहना है कि पहले ऐसे मौके आए थे जब अमेरिका पीछे हट गया, लेकिन मौजूदा हालात अलग हैं।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरानी सरकार अपने ही लोगों के साथ बेहद क्रूर व्यवहार कर रही है और अब उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

खामेनेई पर सीधे नारे, मस्जिद में आग
ईरान में प्रदर्शन अब सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि देश के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei को सत्ता से हटाया जाए। तेहरान में “खामेनेई को मौत” और “इस्लामिक रिपब्लिक का अंत” जैसे नारे लगाए गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की अल रसूल मस्जिद में आग भी लगा दी है। इसके बाद सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच झड़पें और तेज हो गईं।
खामेनेई का आरोप: पश्चिमी साजिश
9 जनवरी को आयातुल्लाह खामेनेई ने ईरानी टीवी पर आकर इन प्रदर्शनों को पश्चिमी देशों की साजिश बताया। उनका इशारा सीधे अमेरिका की ओर माना जा रहा है। वहीं सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोग खुले तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक को हटाने और राजशाही शासन की वापसी की मांग कर रहे हैं।
राजशाही की वापसी की मांग और रजा पहलवी
प्रदर्शनों के बीच ईरान में राजशाही शासन का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान में राजशाही थी। उस क्रांति के बाद सत्ता में अयातुल्लाह खुमैनी आए और फिर उनके बाद अयातुल्लाह अली खामेनेई सुप्रीम लीडर बने।
पूर्व शाह के बेटे Reza Pahlavi इस वक्त अमेरिका में निर्वासन में हैं। प्रदर्शनकारियों की तरफ से उनकी वापसी की मांग की जा रही है। हालांकि ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल उनसे मुलाकात का यह सही समय नहीं है।
X पर बदला ईरान का झंडा, नया संकेत
इस पूरे संकट के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ईरान के मौजूदा राष्ट्रीय ध्वज की जगह इस्लामिक क्रांति से पहले वाले पुराने झंडे की इमोजी दिखाई जाने लगी है, जिसमें शेर और सूरज का चिन्ह है। यह वही झंडा है जो राजशाही शासन के समय इस्तेमाल होता था।
बताया जा रहा है कि यह बदलाव X के प्रोडक्ट हेड ने एक यूजर की मांग पर किया, जिसके बाद ईरान से जुड़े कुछ आधिकारिक अकाउंट्स पर भी यही पुराना झंडा नजर आने लगा।
एयरपोर्ट बंद, सेना अलर्ट पर
Iran Protest Crisis के बीच ईरान सरकार ने तेहरान एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया है। पूरे देश में सेना और सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं। इंटरनेट बंद होने की वजह से जमीनी हालात की पूरी तस्वीर सामने आना मुश्किल हो रहा है, लेकिन जो जानकारी आ रही है, वह हालात की गंभीरता को साफ दिखाती है।






