Instagram Maps Sharing: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने हाल ही में एक नया फीचर पेश किया है — Instagram Maps या Map Sharing। इस फीचर के ज़रिए यूज़र्स अब अपनी लोकेशन अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकेंगे, बिल्कुल वैसे ही जैसे Snapchat के Snap Map में होता है।
क्या है Instagram Maps Sharing फीचर?
Instagram का यह नया अपडेट एक तरह से “लोकेशन शेयरिंग” सिस्टम है। जब यूज़र इस फीचर को एक्टिवेट करता है, तो उसके करीबी दोस्त या चुने हुए ग्रुप के सदस्य उसकी रियल-टाइम लोकेशन देख सकते हैं। इससे लोग अपने दोस्तों की मौजूदा जगह जान सकते हैं और चाहें तो उसी लोकेशन पर जाकर ऑफलाइन हैंगआउट भी कर सकते हैं।
Snapchat पहले से ही इस कॉन्सेप्ट को अपने Snap Map फीचर के ज़रिए चला रहा है, जिसमें आपके दोस्त किस जगह पर हैं, वो मैप पर दिखता है। अब Instagram ने लगभग उसी फीचर को अपने प्लेटफॉर्म पर लागू किया है।
कैसे करेगा काम?
यह फीचर स्टोरी सेक्शन की तरह दिखाई देता है — यानी जब आप Instagram खोलेंगे तो आपको एक “मैप” जैसा नया सेक्शन नज़र आएगा।
-
आप अपनी लोकेशन अपने क्लोज फ्रेंड्स या किसी खास ग्रुप में शेयर कर सकते हैं।
-
ग्रुप के सभी मेंबर उस जगह को रियल टाइम में देख सकते हैं।
-
इससे बड़ी सिटीज़ या क्राउडेड एरिया में दोस्तों को ढूंढना आसान हो जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर आप दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहर में घूम रहे हैं और जानना चाहते हैं कि आपके दोस्त पास में हैं या नहीं, तो यह फीचर बहुत काम आ सकता है।
किसके लिए है यह फीचर?
यह फीचर खासतौर पर बड़ी सिटीज़ और यूथ ऑडियंस को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
-
टीनएजर्स और कॉलेज स्टूडेंट्स जो अक्सर दोस्तों के साथ हैंगआउट करते हैं, उनके लिए यह फीचर आकर्षक हो सकता है।
-
हालांकि, 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के लिए पैरेंटल कंट्रोल का ऑप्शन भी रहेगा। यानी उनके गार्जियन तय कर सकेंगे कि वे लोकेशन शेयर कर सकते हैं या नहीं।

प्राइवेसी को लेकर क्या हैं चिंताएँ?
जहां एक ओर यह फीचर दोस्तों से कनेक्ट होने का नया तरीका देता है, वहीं दूसरी ओर प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
भारत जैसे देश में, जहां सोशल मीडिया पर लोग अक्सर अजनबियों से भी जुड़ जाते हैं, वहां यह फीचर कई लोगों के लिए रिस्क बढ़ा सकता है।
अगर कोई यूज़र अपनी लोकेशन ऐसे लोगों से शेयर करता है जिन पर उसे भरोसा नहीं है, तो यह उसकी पर्सनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकता है।
इसीलिए यह ज़रूरी है कि यूज़र केवल विश्वसनीय दोस्तों या परिवार के सदस्यों के साथ ही अपनी लोकेशन शेयर करें।
क्या वाकई काम का है यह फीचर?
देखा जाए तो यह फीचर बड़े शहरों के यूज़र्स या ट्रैवलिंग फ्रेंड्स के लिए तो कुछ हद तक उपयोगी हो सकता है,
लेकिन छोटे शहरों या गांवों में रहने वाले लोगों के लिए इसका कोई खास फायदा नहीं है।
बल्कि, लोकेशन शेयरिंग से प्राइवेसी रिस्क और बढ़ सकता है।
Instagram का फोकस अब Reels पर
Instagram ने हाल ही में एक और घोषणा की है कि वो आने वाले समय में “Reels First Experience” पर फोकस करेगा। यानी अब Instagram का मुख्य फोकस रील्स कंटेंट को बढ़ावा देना है,
क्योंकि अब यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से वीडियो और रील्स पर आधारित हो गया है।
फोटो-शेयरिंग का दौर अब लगभग खत्म हो चुका है — Instagram अब एक शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Instagram Maps फीचर देखने में भले ही नया लगे, लेकिन असल में यह Snapchat के पुराने फीचर का ही एक नया वर्ज़न है।
हालांकि यह दोस्तों के बीच लोकेशन शेयर करने और हैंगआउट को आसान बना सकता है, लेकिन प्राइवेसी और सुरक्षा को ध्यान में रखे बिना इसका इस्तेमाल करना सही नहीं होगा।
अगर आप भी इस फीचर को आज़माना चाहते हैं, तो पहले सोचिए कि आप किसके साथ अपनी लोकेशन शेयर कर रहे हैं।
“मेरे हिसाब से यह फीचर ज़्यादा कारगर नहीं है। खासकर छोटे शहरों या गांवों के यूज़र्स के लिए यह पूरी तरह बेकार साबित होगा। उल्टा इससे आपकी पर्सनल लोकेशन किसी गलत हाथ में भी जा सकती है।”






