February 11, 2026 5:22 AM

Indusind Bank Scam: Indusind Bank पर ₹2000 करोड़ फ्रॉड का आरोप: CFO की शिकायत से खुला बड़ा मामला !!

Indusind Bank Scam: Indusind Bank पर हाल ही में ₹2000 करोड़ के कथित फ्रॉड का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब बैंक के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) गोविंद जैन ने SEBI, RBI और इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Thursday, October 2, 2025

Indusind Bank Scam: Indusind Bank पर ₹2000 करोड़ फ्रॉड का आरोप: CFO की शिकायत से खुला बड़ा मामला !!

Indusind Bank Scam: Indusind Bank पर हाल ही में ₹2000 करोड़ के कथित फ्रॉड का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब बैंक के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) गोविंद जैन ने SEBI, RBI और इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि बैंक की टॉप मैनेजमेंट ने लगातार वर्षों से अपने असली नुकसान को छिपाकर निवेशकों और जनता को गुमराह किया।

Indusind Bank Scam: मामला क्या है?

पूर्व CFO का कहना है कि 2015 से बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में भारी नुकसान हो रहा था, लेकिन उसे सही तरीके से सार्वजनिक नहीं किया गया। इसके बजाय बैंक प्रॉफिट के आंकड़ों में हेरफेर कर रहा था।

  • बैंक को असल में ₹2000 करोड़ का नुकसान हो चुका था।

  • लेकिन टॉप मैनेजमेंट ने यह कहकर लॉस को कम दिखाया कि “पैसा रिकवर हो जाएगा।”

  • नतीजतन बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और शेयर प्राइस स्थिर बनाए रखे गए।

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Indusind Bank Scam: Indusind Bank पर ₹2000 करोड़ फ्रॉड का आरोप: CFO की शिकायत से खुला बड़ा मामला !!

डेरिवेटिव लॉस क्या होता है?

आसान भाषा में, डेरिवेटिव्स भविष्य के सौदे होते हैं। उदाहरण के लिए—अगर कोई व्यापारी यह मानकर सौदा करता है कि 6 महीने बाद सोने की कीमत बढ़ जाएगी और अभी से एक तय रेट पर बुकिंग कर लेता है, तो यह डेरिवेटिव कहलाता है।

  • अगर भविष्य में रेट बढ़ जाता है तो फायदा होगा।

  • लेकिन अगर रेट गिर गया तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

इसी तरह Indusind Bank ने सोना, डॉलर और अन्य वित्तीय साधनों पर बड़े सौदे किए थे, जिनमें अनुमान गलत निकलने से भारी नुकसान हुआ।

प्रोविजनिंग क्यों ज़रूरी थी?

आरबीआई के नियमों के अनुसार, जब बैंक को किसी नुकसान या लोन डिफॉल्ट का अंदेशा होता है, तो उसे प्रोविजनिंग करनी होती है।

  • यानी प्रॉफिट में से कुछ हिस्सा अलग रखकर संभावित नुकसान को पहले ही मान लेना।

  • लेकिन बैंक ने सही प्रोविजनिंग नहीं की।

  • इससे निवेशकों और शेयरहोल्डर्स को यह गलत संकेत मिला कि बैंक मुनाफे में है।

इनसाइड ट्रेडिंग का आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि टॉप मैनेजमेंट को अंदरूनी स्थिति पता थी।

  • उन्होंने नुकसान छिपाकर बैंक का शेयर प्राइस ऊंचा बनाए रखा।

  • और उसी दौरान अपने शेयर बेचकर बाहर निकल गए।

  • इसे इनसाइड ट्रेडिंग कहा जाता है, जो कानूनन अपराध है।

अब तक की कार्रवाई

  • शिकायत SEBI, RBI और इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग तक पहुंच चुकी है।

  • शुरुआती जांच में पाया गया कि 2015 से लगातार डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में हेरफेर होता रहा।

  • हालांकि, अभी मामले की जांच जारी है और बैंक प्रबंधन ने आधिकारिक रूप से किसी भी फ्रॉड से इनकार किया है।

निवेशकों पर असर

फिलहाल बैंक का शेयर प्राइस स्थिर है क्योंकि जांच पूरी होने तक स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आएगी। लेकिन अगर आरोप सच साबित होते हैं, तो Indusind Bank को भारी आर्थिक और कानूनी झटका लग सकता है।

RBI on IndusInd Bank Crisis: 'Financial Health Stable, No Need For  Depositors To React To Speculative Reports' - Outlook Money

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