ED Raid के बाद I-PAC की पहली प्रतिक्रिया !!
कोलकाता में ईडी की छापेमारी के बाद पहली बार पॉलिटिकल कंसलटेंसी फर्म I-PAC का आधिकारिक बयान सामने आया है। 8 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने I-PAC के दफ्तर और इसके निदेशक Pratik Jain के घर पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के बाद I-PAC ने इसे अपने जैसे पेशेवर संगठन के लिए एक कठिन और दुर्भाग्यपूर्ण दिन बताया है।

I-PAC ने छापेमारी पर क्या कहा
अपने बयान में I-PAC ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है और एक असहज करने वाली मिसाल भी कायम करती है। हालांकि संस्था ने यह भी साफ किया कि इसके बावजूद उसने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया है और आगे भी कानून के दायरे में रहते हुए पूरी जिम्मेदारी और सम्मान के साथ जांच प्रक्रिया में सहयोग करती रहेगी।
I-PAC ने कहा कि संस्था हमेशा अपने काम में पेशेवर ईमानदारी के उच्चतम मानकों पर कायम रही है। बयान में यह भी जोड़ा गया कि जो कुछ भी हुआ है, उसके बावजूद संगठन बिना डरे और बिना विचलित हुए अपने काम को उसी निरंतरता और जवाबदेही के साथ जारी रखेगा, जिस उद्देश्य के साथ उसकी शुरुआत हुई थी।
कहां-कहां हुई थी ईडी की कार्रवाई
केंद्रीय जांच एजेंसी Enforcement Directorate ने कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में I-PAC के दफ्तर और लाउडन स्ट्रीट पर मौजूद प्रतीक जैन के आवास समेत करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन ठिकानों में दिल्ली के चार स्थान भी शामिल थे। यह पूरी कार्रवाई अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में की गई थी।
अलग-अलग दलों के साथ काम करने की बात
I-PAC ने अपने बयान में यह भी रेखांकित किया कि उसने देश की अलग-अलग विचारधाराओं और क्षेत्रों की कई राजनीतिक पार्टियों के साथ काम किया है। इनमें Bharatiya Janata Party, Indian National Congress, Aam Aadmi Party, Trinamool Congress, DMK, YSR Congress Party, Bharat Rashtra Samithi, Janata Dal United और Shiv Sena शामिल हैं।
संस्था ने साफ किया कि वह न तो चुनाव लड़ती है और न ही किसी राजनीतिक पद पर है। उसका काम केवल पारदर्शी और पेशेवर राजनीतिक सलाह देने तक सीमित है और यह किसी खास राजनीतिक विचारधारा से प्रभावित नहीं होता।
TMC की आपत्ति और हाईकोर्ट का रुख
ईडी की छापेमारी के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल में सियासी विवाद और गहरा गया। 9 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस ने Calcutta High Court में याचिका दाखिल कर मांग की कि ईडी द्वारा जब्त किए गए गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक डाटा वापस किया जाए।
मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी बीजेपी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कोयला घोटाले से बीजेपी के बड़े नेताओं को फायदा हुआ है। मुख्यमंत्री की शिकायत पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी और केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं।
अदालत में सुनवाई टली, विवाद बरकरार
कोलकाता हाईकोर्ट में जस्टिस सुरवा घोष ने कोर्ट में हंगामे के चलते ईडी और टीएमसी की याचिकाओं पर सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी। इसके बाद ईडी ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल को ईमेल भेजकर जल्द सुनवाई की मांग की, लेकिन यह मांग खारिज कर दी गई।
ईडी ने अपनी याचिका में 12 बिंदुओं पर कोर्ट से विचार करने को कहा है। इसमें 8 जनवरी को मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की सीबीआई जांच की मांग भी शामिल है। साथ ही ईडी ने यह भी कहा है कि छापेमारी के दौरान जो दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बाहर ले जाए गए हैं, उन्हें तुरंत लौटाने का आदेश दिया जाए।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
I-PAC ED Raid Statement के बाद मुख्यमंत्री का प्रतीक जैन के घर पहुंचना और फिर I-PAC के साल्ट लेक ऑफिस का दौरा करना पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े विवाद का कारण बन गया है। राज्य में कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।






