Gurugram: हरियाणा के Gurugram जिले में एक दर्दनाक हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा Sidhrawali area में एक निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से हुआ। इस Gurugram building collapse घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 12 मजदूरों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। मृतकों के परिजनों ने इस हादसे को लेकर निर्माण कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार Sidhrawali, Gurugram में एक निर्माणाधीन परियोजना में मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और उसके कारण निर्माणाधीन दीवार गिर गई।
इस Gurugram building collapse हादसे के समय वहां करीब 10 से 15 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक दीवार गिरने से कई मजदूर मलबे और मिट्टी के नीचे दब गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और State Disaster Response Force (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में कई मजदूरों को निकाला गया
बचाव टीमों ने मलबे के नीचे दबे मजदूरों को निकालने के लिए कई घंटे तक अभियान चलाया।
घटना की जानकारी देते हुए District Hospital के डॉक्टर Somprakash Yadav ने बताया कि सूचना मिलने के बाद कई लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल लाया गया।
उन्होंने कहा कि कुछ मजदूरों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कई लोग काफी देर तक मिट्टी में दबे रहने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अस्पताल में लाए गए मजदूरों में से सात को मृत घोषित किया गया, जबकि कई अन्य का इलाज जारी है।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
इस Gurugram building collapse हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
एक मृतक मजदूर के परिजन ने कहा कि
“सात लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 10-12 मजदूर अस्पताल में भर्ती हैं। जब हम मौके पर पहुंचे तो हमें कंपनी के अधिकारियों से मिलने नहीं दिया गया।”
परिजनों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
उन्होंने मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही Haryana Police मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस Gurugram building collapse मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि दीवार गिरने का कारण क्या था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
निर्माणाधीन सोसाइटी में हुआ हादसा
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हादसा Signature Global society project में हुआ, जहां एक sewerage treatment plant (STP) के पास काम चल रहा था।
बताया जा रहा है कि मजदूर वहां दीवार और संबंधित संरचना के निर्माण में लगे हुए थे। उसी दौरान मिट्टी धंसने के कारण दीवार अचानक गिर गई।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की और कई मजदूरों को मलबे से निकालने की कोशिश की।
अस्पताल में इलाज जारी
घटना के बाद घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष इलाज दिया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मृत मजदूरों के शवों को Government District Hospital में रखा गया है और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
श्रमिक सुरक्षा पर उठे सवाल
इस Gurugram building collapse हादसे के बाद निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से हो रहे शहरी विकास के बीच कई बार निर्माण कंपनियां सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर देती हैं।
इस कारण मजदूरों को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी नाराजगी देखी गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जाता, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की पूरी जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।(source)
सरकार से कार्रवाई की मांग
मृतकों के परिजन और स्थानीय लोगों ने सरकार से मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि मजदूर रोजी-रोटी के लिए काम करने आते हैं, लेकिन निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की कमी के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है।
निष्कर्ष
Gurugram building collapse की यह घटना एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आई है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
सात मजदूरों की मौत और कई लोगों के घायल होने से यह हादसा पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।




