फिल्म धुरंधर 2 की रिलीज के साथ ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है और इस बार इसके केंद्र में हैं यूट्यूबर ध्रुव राठी। dhruv rathee dhurandhar 2 controversy उस समय और तेज हो गई जब ध्रुव राठी ने फिल्म को एक बार फिर प्रोपेगेंडा बताते हुए सोशल मीडिया पर तीखा बयान दिया। इससे पहले भी वह फिल्म के पहले पार्ट को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं, लेकिन इस बार उनका रुख और भी ज्यादा स्पष्ट और आक्रामक नजर आया।
ये भी पढ़े: Mamata Banerjee President Rule Allegation: West Bengal में “undeclared President Rule” का दावा

पहले भी उठा चुके हैं सवाल
ध्रुव राठी ने पहली बार धुरंधर के ट्रेलर रिलीज के समय ही फिल्म पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इसकी तुलना आतंकी संगठन ISIS से कर दी थी और कहा था कि फिल्म में दिखाया गया हिंसा और खूनखराबा बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह के कंटेंट को मनोरंजन के रूप में पेश करना गलत है। इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था और उन्हें अपने बयान से पीछे हटना पड़ा था। उस समय से ही dhruv rathee dhurandhar 2 controversy की नींव पड़ गई थी।
Dhurandhar 2 पर फिर साधा निशाना
अब जब धुरंधर 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, ध्रुव राठी ने एक बार फिर फिल्म पर निशाना साधा है। 19 मार्च को किए गए एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही डायरेक्टर आदित्य धर को एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा बनाने वाला बताया था और अब यह बात सभी के सामने स्पष्ट हो जाएगी। उनके अनुसार, इस बार फिल्म में यह प्रोपेगेंडा और ज्यादा खुलकर दिखाया गया है। dhruv rathee dhurandhar 2 controversy में यह बयान सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।

“इस बार फिल्म ठीक से बनी भी नहीं” – ध्रुव राठी
ध्रुव राठी ने इस बार सिर्फ फिल्म की विचारधारा ही नहीं बल्कि उसकी क्वालिटी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली फिल्म एक “अच्छी तरह से बनाई गई प्रोपेगेंडा फिल्म” थी, लेकिन इस बार फिल्म न तो सही से बनी है और न ही अपने उद्देश्य को ठीक से पूरा कर पाई है। उनका यह बयान यह दिखाता है कि dhruv rathee dhurandhar 2 controversy केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है बल्कि फिल्म की क्राफ्ट और क्वालिटी पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
पुराने बयान भी आए चर्चा में
ध्रुव राठी का एक पुराना वीडियो भी फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने आदित्य धर की तुलना हिटलर के पसंदीदा फिल्ममेकर रेनी रेफेनस्टाल से की थी। उन्होंने कहा था कि अगर फिल्मों में “गलत प्रोपेगेंडा” दिखाया जाता रहा, तो फिल्ममेकर की पहचान भी उसी तरह बन सकती है। इस बयान ने उस समय भी काफी विवाद खड़ा किया था और अब dhruv rathee dhurandhar 2 controversy के चलते यह फिर से चर्चा में आ गया है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस पूरे विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोग ध्रुव राठी के विचारों का समर्थन कर रहे हैं और फिल्म को लेकर उनके सवालों को सही ठहरा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, कई लोग उन्हें फिर से ट्रोल कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वह फिल्मों को बेवजह राजनीतिक रंग दे रहे हैं। यही वजह है कि dhruv rathee dhurandhar 2 controversy एक बार फिर इंटरनेट पर ट्रेंड कर रही है।
क्या यह पब्लिसिटी का हिस्सा है?
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस तरह के विवाद फिल्म के लिए अप्रत्यक्ष रूप से फायदेमंद साबित होते हैं। जितनी ज्यादा चर्चा होती है, उतनी ही ज्यादा लोगों की दिलचस्पी बढ़ती है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह विवाद फिल्म के प्रमोशन को बढ़ाने का काम कर रहा है। हालांकि, dhruv rathee dhurandhar 2 controversy में अभी तक फिल्म के मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
धुरंधर 2 और ध्रुव राठी के बीच यह विवाद एक बार फिर यह दिखाता है कि फिल्मों और राजनीति के बीच की रेखा कितनी धुंधली हो सकती है। जहां एक ओर फिल्में मनोरंजन का माध्यम हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें विचारधारा से जोड़कर देखा जाना भी आम हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे और कितना बढ़ता है और इसका फिल्म की सफलता पर क्या असर पड़ता है।





