NDA Sankalp Patra: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अब सियासी मुकाबला पूरी तरह से तेज हो गया है। महागठबंधन के घोषणापत्र के बाद एनडीए ने भी पटना के एक बड़े होटल में अपना चुनावी Sankalp Patra जारी कर दिया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित एनडीए के सभी प्रमुख नेता मौजूद रहे।
Sankalp Patra: NDA का घोषणापत्र !!
एनडीए ने अपने घोषणापत्र का नाम “Sankalp Patra 2025” रखा है और इसे विकसित बिहार का ब्लूप्रिंट बताया है। इस Sankalp Patra में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीब तबकों के लिए कई वादे किए गए हैं। सबसे बड़ा वादा एक करोड़ सरकारी नौकरी और रोजगार का है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह घोषणापत्र केवल चुनावी दस्तावेज नहीं, बल्कि बिहार के विकास का विजन डॉक्यूमेंट है।

घोषणापत्र में कहा गया है कि अगले पांच सालों में राज्य में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा, महिलाओं को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी, किसानों को सम्मान निधि में ₹9,000 तक की मदद मिलेगी और कृषि निवेश योजना के तहत ₹1 लाख तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही, बिहार के चार प्रमुख शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने और हाईवे से लेकर एयरपोर्ट तक के विकास कार्यों पर फोकस का वादा किया गया है।
वहीं विपक्ष ने एनडीए के घोषणापत्र को छलावा बताया है। आरजेडी के प्रवक्ता डॉ. नवल किशोर यादव ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से नीतीश कुमार सत्ता में हैं, लेकिन बिहार आज भी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार सिर्फ मजदूर सप्लाई करने वाला राज्य बनकर रह गया है और अब बदलाव की जरूरत है। यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरे हैं और इस बार भरोसे की लड़ाई में महागठबंधन बाजी मारेगा।

प्रबल प्रताप शाही ने क्या कहा ?
कांग्रेस नेता प्रबल प्रताप शाही ने भी एनडीए पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा और जेडीयू को बताना चाहिए कि क्या बिहार के लोग केवल मजदूर बनने के लिए पैदा हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार में उद्योग नहीं लगाना चाहती ताकि गुजरात जैसे राज्यों को सस्ते मजदूर मिलते रहें।
वहीं भाजपा नेता जयराम विप्लव ने कहा कि एनडीए का Sankalp Patra सिर्फ वादा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो भी वादा किया, उसे पूरा किया है और इस बार भी बिहार को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बिहार में दो चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे चरण की 11 नवंबर को होगी, जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में सीधा मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।






