Jan Suraaj: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार राज्य में दो चरणों में वोटिंग होगी — पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को। इसके बाद सभी की नजर इस बात पर थी कि कौन सी पार्टी सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करती है। तो सबसे पहले जन स्वराज पार्टी ने मैदान में उतरते हुए अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 51 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।

क्या Prasant Kishor की ‘स्टार कैंडिडेट’ वाली रणनीति RJD-JDU का खेल बिगाड़ देगी?
इस लिस्ट का सबसे बड़ा आकर्षण करगहर विधानसभा सीट रही, जहां से भोजपुरी एक्टर और सिंगर रितेश पांडे को टिकट मिला है। पहले यह माना जा रहा था कि इस सीट से खुद प्रशांत किशोर चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन अब यह संभावना खत्म हो गई है। अब चर्चा यह है कि Prashant Kishor राघवपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं — वही सीट जहां से फिलहाल तेजस्वी यादव विधायक हैं।
अगर इस लिस्ट की जातीय समीकरण की बात करें तो जन स्वराज पार्टी ने सामाजिक संतुलन बनाए रखने की पूरी कोशिश की है। 51 उम्मीदवारों में से 7 अनुसूचित जाति, 17 अति पिछड़ी जातियों, 11 पिछड़े वर्ग, 8 सामान्य वर्ग और 8 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। खास बात यह रही कि पार्टी ने मुसलमान उम्मीदवारों को भी बराबर जगह दी है। Prashant Kishor पहले भी यह बात कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी में हर वर्ग की हिस्सेदारी होगी और वे राजद पर मुस्लिम समुदाय को सिर्फ प्रतीकात्मक जगह देने का आरोप लगाते रहे हैं।
अब अगर प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो इस लिस्ट में कई नाम सुर्खियां बटोर रहे हैं। सहरसा से किशोर कुमार मुन्ना, जो दो बार विधायक रह चुके हैं, उन्हें दोबारा टिकट मिला है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के पूर्व ADG जयप्रकाश सिंह (जेपी सिंह) को छपरा शहर से उम्मीदवार बनाया गया है।
इसके अलावा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री करपुरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर को समस्तीपुर की मोरवा सीट से टिकट मिला है। एक और दिलचस्प नाम है केसी सिन्हा, जो एक मशहूर गणितज्ञ हैं — उन्हें पटना की कुम्हरार सीट से मैदान में उतारा गया है।

क्या तेजस्वी के ‘नौकरी’ वाले वादे का जवाब, राघोपुर से चुनाव लड़कर देंगे Prashant Kishor?
सबसे खास नामों में एक है प्रीति किन्नर, जिन्हें गोपालगंज की भोरे सीट से टिकट मिला है। यह शायद पहली बार है जब किसी पार्टी ने ट्रांस समुदाय से आने वाले उम्मीदवार को सीधे विधानसभा चुनाव के लिए मौका दिया है।
इस बीच, राजनीतिक माहौल और भी दिलचस्प हो गया है क्योंकि तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो “हर घर में एक सरकारी नौकरी” दी जाएगी। वहीं, Prashant Kishor 11 अक्टूबर से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत राघवपुर विधानसभा क्षेत्र से करेंगे।
अब सबकी नजर इसी बात पर टिकी है कि क्या Prashant Kishor वाकई राघवपुर से चुनाव लड़ेंगे या फिर किसी और सीट से अपना डेब्यू करेंगे। फिलहाल इतना तय है कि बिहार का चुनावी मैदान अब और भी दिलचस्प होने वाला है।






