Bihar Election 2025: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें आखिरकार तय हो गई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में दो चरणों में मतदान होगा — पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को।
कुल 243 सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें से 203 सीटें अनारक्षित, 38 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं।
वोटर्स और सीटों का पूरा डेटा
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कुल रजिस्टर्ड वोटर्स: 7.43 करोड़
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पुरुष मतदाता: 3.92 करोड़
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महिला मतदाता: 3.50 करोड़
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ट्रांसजेंडर मतदाता: 10,725
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पहली बार वोट डालने वाले (First-time Voters): 14 लाख से अधिक
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पोलिंग स्टेशन: 90,712
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शहरी (Urban): 13,911
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ग्रामीण (Rural): 76,801
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी बताया कि इलेक्टोरल रोल्स यानी मतदाता सूची को नामांकन की अंतिम तारीख से 10 दिन पहले तक अपडेट किया जा सकेगा, ताकि कोई भी नया पात्र मतदाता वंचित न रहे।

चुनाव आयोग के 17 बड़े इनिशिएटिव्स
इस बार के Bihar Election 2025 को तकनीकी और सामाजिक रूप से अधिक समावेशी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने 17 नए कदम (initiatives) उठाए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से:
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बीएलए (Booth Level Agents) और बीएलओ (Booth Level Officers) की ट्रेनिंग — चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग — लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए।
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सेंट्रल फोर्स (CAPF) की तैनाती — निगरानी और सुरक्षा के लिए।
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ईपीआईसी (EPIC) कार्ड्स की तेज डिलीवरी — वोटर आईडी 15 दिनों में पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू।
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बीएलओ को फोटो आईडी कार्ड जारी करना — पहचान को और मजबूत बनाना।
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मोबाइल डिपॉजिट सुविधा — वोटिंग के दौरान बाहर मोबाइल रखने के लिए काउंटर होंगे।
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Voter Information Slip (VIS) में विस्तृत जानकारी — बड़े अक्षरों में सीरियल और पार्ट नंबर होंगे।
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डिजिटल प्लेटफॉर्म – ECI Net App — हर 2 घंटे में वोटिंग डेटा अपडेट होगा।
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प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर 1200 वोटर्स की सीमा — भीड़ नियंत्रण के लिए।
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कैंडिडेट बूथ 100 मीटर की दूरी पर ही रहेंगे — निष्पक्षता बनाए रखने के लिए।
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वेबकास्टिंग — हर पोलिंग स्टेशन की लाइव मॉनिटरिंग होगी।
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EVM में रंगीन फोटोग्राफ्स — पहली बार उम्मीदवारों की फोटो कलर में दिखेगी।
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VVPAT स्लिप और EVM डेटा मिलान अनिवार्य — पारदर्शिता के लिए।
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पोस्टल बैलेट प्रक्रिया को बेहतर बनाना।
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फॉर्म 12D के ज़रिए घर पर मतदान की सुविधा — बुजुर्गों और विकलांग मतदाताओं के लिए।
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डिजिटल इंडेक्स कार्ड सिस्टम — सभी डेटा और रिपोर्ट्स डिजिटल फॉर्म में तैयार होंगी।
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पोलिंग स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार — रैंप, टॉयलेट, पानी, रोशनी और व्हीलचेयर सुविधा उपलब्ध होगी।
विशेष सुविधाएँ और वोटर हेल्पलाइन
यदि किसी मतदाता को किसी भी प्रकार की दिक्कत या जानकारी की आवश्यकता हो, तो वह 1950 नंबर पर कॉल करके Voter Helpline से सहायता प्राप्त कर सकता है।
चुनाव आयोग का संदेश
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव को “Inclusive, Transparent और Tech-Driven” बनाया जाएगा।
सभी नागरिकों को वोट डालने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि लोकतंत्र की भागीदारी और मजबूत हो।






