RJD: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने 143 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट का सभी को बेसब्री से इंतज़ार था क्योंकि पहले चरण के नामांकन की आखिरी तारीख करीब आ चुकी है। दिवाली के मौके पर जारी हुई इस लिस्ट में हालांकि कोई बहुत चौंकाने वाला नाम नहीं दिखा, बल्कि ज्यादातर वही नाम शामिल हैं जिनकी चर्चा पहले से चल रही थी।
RJD की इस लिस्ट में एक बात साफ दिखाई दे रही है — कांग्रेस से सीधी टक्कर से बचने की पूरी कोशिश की गई है।
बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के लिए राष्ट्रीय जनता दल द्वारा चयनित प्रत्याशियों की सूची।
सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई एवं विजय की अग्रिम शुभकामनाएं। #Bihar #RJD pic.twitter.com/QI7ckgoIQ6
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) October 20, 2025
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RJD: तेजस्वी यादव राघवपुर से मैदान में
पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने हमेशा की तरह राघवपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और लालू यादव के करीबी जयप्रकाश यादव झंझारपुर से मैदान में हैं, जबकि भोला यादव, जो लालू यादव के पूर्व सचिव और बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं, उन्हें दरभंगा की बहादुरपुर सीट से टिकट दिया गया है।
अवध बिहारी चौधरी, जो विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं, उन्हें सिवान सीट से टिकट मिला है। सिवान की एक और सीट रघुनाथपुर से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाबुद्दीन को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है, जिसकी पहले से चर्चा थी।

बाहुबली, पुराने सहयोगी और नए चेहरे
बेगूसराय की मटहानी सीट से बाहुबली बोगो सिंह को टिकट मिला है।
दरभंगा के वरिष्ठ नेता अली अशरफ फातिमी के बेटे फराज फातिमी को केवटी सीट से मौका मिला है।
वहीं पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव को मधेपुरा से टिकट दिया गया है।
रीतलाल यादव, जो दानापुर से बाहुबली छवि के नेता हैं, एक बार फिर उसी सीट से लड़ेंगे।
बॉलीवुड से राजनीति में आए खेसारी लाल यादव भी अब छपरा सीट से आरजेडी प्रत्याशी हैं। बताया गया कि उन्होंने लालू और राबड़ी देवी का आशीर्वाद लेकर नामांकन किया है।
कांग्रेस से टकराव टालने की रणनीति
महागठबंधन में कांग्रेस के साथ सीटों को लेकर पहले से ही कुछ मतभेद थे।
कुटुंबा सीट इसका बड़ा उदाहरण रही, जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को पहले ही टिकट मिल चुका था, लेकिन उसी सीट से आरजेडी प्रत्याशी सुरेश पासवान को टिकट मिलने की चर्चा थी।
बाद में आरजेडी ने ये नाम अपनी लिस्ट से हटा दिया — ताकि गठबंधन में दरार की स्थिति न बने।
इसी तरह जहानाबाद सीट से राहुल शर्मा को टिकट देकर घोसी सीट से हटा दिया गया, जहां वामपंथी दलों का प्रत्याशी पहले से मौजूद था।

RJD की सोशल इंजीनियरिंग
इस बार लिस्ट में 18 मुस्लिम उम्मीदवार हैं, यानी कुल सीटों का लगभग 12.5%।
तेजस्वी यादव ने “एमवाई (मुस्लिम-यादव)” समीकरण के साथ EBC (अति पिछड़ा वर्ग) और कुशवाहा वोट बैंक पर भी फोकस किया है।
पार्टी ने इस बार 13 कुशवाहा उम्मीदवार उतारे हैं — जो पहले के मुकाबले ज़्यादा हैं।
यह वही फार्मूला है जो अखिलेश यादव ने यूपी में अपनाया था — कम यादव, सीमित मुस्लिम, और अधिक EBC उम्मीदवार।
क्या है RJD की मंशा?
लिस्ट से साफ है कि तेजस्वी यादव अब पुराने एमवाई समीकरण से आगे बढ़कर एक बड़े सामाजिक गठजोड़ (Social Coalition) की कोशिश कर रहे हैं।
साथ ही, गठबंधन धर्म निभाने के लिए कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों से टकराव कम करने की रणनीति अपनाई गई है।
तेजस्वी यादव का फोकस फिलहाल उम्मीदवार चयन के ज़रिए NDA के खिलाफ मजबूत फ्रंट तैयार करने पर दिख रहा है।
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