Police Bandhu: पश्चिम बंगाल के बनगांव जिले की पुलिस ने एक ऐसी पहल शुरू की है जो पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकती है। इस नई पहल का नाम है “Police Bandhu”, यानी जनता का सच्चा दोस्त। इस डिजिटल सिस्टम के जरिए अब कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत या केस की जानकारी ऑनलाइन लाइव ट्रैक कर सकता है।
क्या है Police Bandhu?
अब तक अगर किसी व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई हो, तो उसे केस की स्थिति जानने के लिए बार-बार थाने के चक्कर लगाने पड़ते थे या किसी अधिकारी से संपर्क करना पड़ता था। लेकिन अब बनगांव पुलिस ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी (Transparent) बना दिया है।

“Police Bandhu” पहल को बनगांव के एसपी, आईपीएस दिनेश कुमार के नेतृत्व में तैयार किया गया है। उनका कहना है कि इस सिस्टम का मकसद है — जनता और पुलिस के बीच भरोसे को मजबूत करना और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।
यह सिस्टम Integrated District Police Management System के नाम से काम करेगा। इसमें केस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। शिकायतकर्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से OTP के जरिए लॉगिन करके अपने केस की स्थिति रियल टाइम में देख सकता है।
सिस्टम में कई सुविधाएं दी गई हैं —
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FIR की कॉपी ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा
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केस की जांच की वर्तमान स्थिति
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कोर्ट में ट्रायल की प्रगति
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फॉरेंसिक, पोस्टमार्टम और केस डायरी की जानकारी
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जांच अधिकारी का नाम और उनसे संपर्क का तरीका

इसके अलावा सिस्टम में एक फीडबैक सेक्शन भी जोड़ा गया है, जहां शिकायतकर्ता सीधे अपने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के लिए टिप्पणी या सुझाव दे सकता है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि पुलिस की जवाबदेही (Accountability) भी तय होगी।
इस तकनीक को फिलहाल बनगांव जिले के सात थानों में लागू किया गया है, जिनमें बनगांव, बागदा, गोपालनगर, गैघाटा, पेट्रोपोल, वीमेन और साइबर पुलिस स्टेशन शामिल हैं। इन थानों में एक Police Kiosk (एटीएम जैसी मशीन) भी लगाई गई है, जहां गांवों या दूरदराज के इलाकों के लोग बिना मोबाइल या इंटरनेट के भी ओटीपी डालकर केस की स्थिति देख सकते हैं।
एसपी दिनेश कुमार ने कहा —
“हर एफआईआर सिर्फ एक केस नहीं होती, उसके पीछे किसी परिवार की उम्मीद और चिंता जुड़ी होती है। ‘Police Bandhu’ उसी चिंता को पारदर्शिता में बदलने की कोशिश है।”
बनगांव पुलिस ने यह भी बताया कि भविष्य में इस सिस्टम को और अधिक थानों में लागू किया जाएगा ताकि जनता को हर स्तर पर सुविधा मिले। यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो संभव है कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल पुलिस इसे राज्यभर में लागू करे और अन्य राज्यों के लिए भी यह मॉडल बने।





