Asia Cup Trophy Row: भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला बीते 28 सितंबर को दुबई में खेला गया था। इस मैच में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने खेल की बजाय राजनीति और कूटनीति को ज्यादा सुर्खियों में ला दिया। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के मंत्री Mohsin Naqvi ने ट्रॉफी भारतीय टीम को नहीं सौंपी। अब यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है क्योंकि नकवी ने साफ कहा है कि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव खुद ACC ऑफिस आकर ट्रॉफी लें।
ACC मीटिंग में गरमा-गरमी
30 सितंबर को दुबई में हुई एसीसी की एनुअल जनरल मीटिंग में यह विवाद फिर से छाया रहा। BCCI के प्रतिनिधि राजीव शुक्ला और आशीष शेलार ने सख्त आपत्ति जताई कि फाइनल जीतने के बावजूद भारतीय टीम को आज तक ट्रॉफी नहीं दी गई। BCCI के साथ श्रीलंका, मलेशिया और इंडोनेशिया के बोर्डों ने भी भारत का समर्थन किया और नकवी को घेरा। इसके बावजूद AGM में कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका।
ये भी पढ़े: India vs Pakistan Women World Cup 2025: No Handshake Policy से बढ़ा तनाव, BCCI का सख्त रुख जारी !!

नकवी का अड़ियल रुख
नकवी ने अपनी जिद पर कायम रहते हुए दोहराया कि वह 28 सितंबर को भी ट्रॉफी देने को तैयार थे और अब भी हैं। लेकिन उन्होंने शर्त रख दी कि सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम को ट्रॉफी ACC दफ्तर से लेनी होगी। उन्होंने यह भी नकार दिया कि उन्होंने कभी BCCI से माफी मांगी है।
BCCI की नाराजगी और अगला कदम
BCCI इस रवैये से बेहद नाराज है और उसने साफ किया है कि अब यह मामला नवंबर में होने वाली ICC की बैठक में उठाया जाएगा। BCCI का कहना है कि जब भारतीय टीम ने मैच के बाद दुबई स्टेडियम में ही ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था तो अब उनसे उम्मीद करना कि वे ACC ऑफिस जाकर ट्रॉफी ले लेंगे, पूरी तरह बेकार है।
पृष्ठभूमि: क्यों मना किया था टीम इंडिया ने?
दरअसल, यह पूरा विवाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े रुख से जुड़ा है। BCCI और भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। इसके बाद नकवी काफी देर तक ट्रॉफी लेकर भारतीय टीम का इंतजार करते रहे लेकिन टीम इंडिया बिना ट्रॉफी के ही मैदान पर जश्न मनाती रही।
![]()
खेल या राजनीति?
अब यह मामला महज एक क्रिकेट ट्रॉफी से कहीं बड़ा हो चुका है। भारतीय बोर्ड ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान के मंत्री और ACC अध्यक्ष के इस रवैये को खेल भावना के खिलाफ माना जाएगा। अगर नवंबर में ICC की बैठक में यह मुद्दा गंभीरता से उठता है तो संभव है कि ACC और नकवी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बने।
स्पष्ट है कि Asia Cup Trophy Row केवल खेल का विवाद नहीं बल्कि भारत-पाक रिश्तों की तल्खी और बोर्ड की सख्ती का हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ICC इस मसले पर क्या रुख अपनाता है।






