Asia Cup Trophy Controversy: दुबई में 30 सितंबर को हुई एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की मीटिंग में भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप ट्रॉफी विवाद ने नया मोड़ ले लिया। BCCI की ओर से राजीव शुक्ला और आशीष शेलार वर्चुअली मीटिंग में शामिल हुए और सख्त आपत्ति दर्ज कराई कि विनिंग टीम भारत को अब तक ट्रॉफी क्यों नहीं सौंपी गई।
BCCI की आपत्ति
राजीव शुक्ला ने साफ कहा –
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यह ट्रॉफी ACC की है, किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं।
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सम्मानजनक तरीके से भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपी जानी चाहिए।
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ACC को इस मसले को अर्जेंट बेसिस पर सुलझाना चाहिए।
BCCI का यह भी कहना था कि अगर ACC चाहे तो उनका कोई अधिकारी जाकर दफ्तर से ट्रॉफी ले आएगा। लेकिन इस पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
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Mohsin Naqvi का जवाब
ACC चेयरमैन मोहसिन नकवी ने अपने पक्ष में कहा –
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जब भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया, उस समय वे मैदान पर “एक कार्टून की तरह” खड़े थे।
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उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी कि भारतीय टीम उनके हाथों से ट्रॉफी नहीं लेगी।
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साथ ही नकवी ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा किसी और मंच पर की जाएगी, इस मीटिंग में नहीं।
मीटिंग का नतीजा
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भारतीय प्रतिनिधि राजीव शुक्ला और आशीष शेलार ने विरोध जताते हुए वर्चुअल मीटिंग बीच में ही छोड़ दी।
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ACC की अगली मीटिंग नवंबर में होगी, जिसमें BCCI इस मुद्दे को कड़े तरीके से उठाने वाला है।
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, BCCI का मानना है कि नकवी ने विनिंग टीम को सम्मानित करने में गंभीर लापरवाही की है।

पाकिस्तान मीडिया का दावा
पाकिस्तानी चैनल Jio News ने इस विवाद को अलग तरीके से पेश किया।
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रिपोर्ट में कहा गया कि नकवी ने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को खुद ACC दफ्तर आकर ट्रॉफी लेने की सलाह दी।
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साथ ही यह भी प्रचारित किया कि नकवी ने राजीव शुक्ला की डिमांड को रिजेक्ट कर दिया।
विवाद की पृष्ठभूमि
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28 सितंबर को दुबई में खेले गए फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप जीत लिया।
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मैच के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
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कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा – यह फैसला पूरी तरह टीम का था, न कि BCCI या सरकार का।
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नकवी तब ट्रॉफी लेकर मैदान से बाहर चले गए, जिस पर आरोप लगा कि वे “ट्रॉफी चुराकर” ले गए।
अगला कदम
अब नजरें नवंबर की ACC मीटिंग पर टिकी हैं, जहां BCCI ट्रॉफी की वापसी और सम्मानजनक तरीके से भारतीय टीम को सौंपे जाने की मांग करेगा। यह विवाद केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब भारत-पाकिस्तान क्रिकेट रिश्तों की संवेदनशीलता को भी उजागर कर रहा है।






