Rukmini Vasant: 2 अक्टूबर 2025 को कांतारा चैप्टर 1 रिलीज़ हुई और थिएटर्स में तूफान मच गया। फिल्म को दर्शकों ने हाथों हाथ लिया। डायरेक्टर और मेन लीड ऋषभ शेट्टी को तारीफें तो मिली ही, लेकिन एक नाम चारों तरफ चमकने लगा – रुक्मणी वसंत। खासतौर पर हिंदी बेल्ट के दर्शक उनकी अदाकारी देखकर हैरान रह गए।
कौन हैं Rukmini Vasant?
रुक्मणी वसंत का जन्म 10 दिसंबर 1996 को बेंगलुरु में हुआ। पूरा नाम Rukmini Vasant वेणुगोपाल है। वह शहीद कर्नल वसंत वेणुगोपाल की बेटी हैं, जिन्हें कर्नाटक का पहला अशोक चक्र से सम्मानित शहीद माना गया। 31 जुलाई 2007 को जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में घुसपैठियों को रोकते हुए उनके पिता शहीद हो गए थे। उस समय रुक्मणी केवल 10 साल की थीं।
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उनकी मां सुभाषिणी वसंत एक जानीमानी भरतनाट्यम डांसर हैं। कर्नल वसंत की शहादत के बाद उन्होंने वसंत रत्न फाउंडेशन फॉर आर्ट एंड कल्चर की स्थापना की, जो शहीदों की विधवाओं और उनके परिवारों के लिए मदद करता है।
शिक्षा और थिएटर का सफर
रुक्मणी की शुरुआती शिक्षा बेंगलुरु में हुई। सैन्य परिवार में पली-बढ़ी रुक्मणी में अनुशासन, मेहनत और समर्पण की भावना बचपन से ही विकसित हुई। उन्हें बचपन से ही क्लासिकल बैले और थोड़ा बहुत भरतनाट्यम आता था। 13 साल की उम्र में एक स्कूल प्ले ने उनके जीवन का रुख बदल दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार स्कूल के थिएटर प्रोडक्शन में हिस्सा लिया और रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स (RADA), लंदन से एक्टिंग की पढ़ाई की।
RADA से 2015 में ग्रेजुएट होने के बाद रुक्मणी ने थिएटर में कई अंतरराष्ट्रीय टूर किए और अपने अभिनय कौशल को निखारा।
फिल्मी करियर की शुरुआत
2019 में रुक्मणी ने कन्नड़ फिल्म बीरबल ट्रिलॉजी केस वन: फाइंडिंग वज्र मुनि से डेब्यू किया। फिल्म बड़ी हिट नहीं रही, लेकिन रुक्मणी की नेचुरल एक्टिंग ने लोगों का ध्यान खींचा। अगले चार साल तक फिल्मों की कमी रही, लेकिन उन्होंने थिएटर वर्कशॉप्स में हिस्सा लेते हुए अपने कौशल को और निखारा।

सफलता की ओर कदम
2023 में उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ आया। 1 सितंबर 2023 को रिलीज़ हुई रोमांटिक ड्रामा सप्तसागरा दाचे एलो साइड ए में रुक्मणी ने अपनी परफॉर्मेंस से सभी को चौंका दिया। फिल्म की कहानी एक मिडिल क्लास कपल की थी और रुक्मणी ने इसमें प्रिया का किरदार निभाया। उनकी इमोशनल एक्टिंग ने दर्शकों को प्रभावित किया और फिल्म की सफलता के बाद उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड फॉर बेस्ट एक्टर से नवाजा गया।
कांतारा चैप्टर 1 और राजकुमारी कनकवती
सप्तसागरा की सफलता ने Rukmini Vasant को कांतारा चैप्टर 1 के लिए लाया। फिल्म की शूटिंग कुंडापुरा में हुई और उन्होंने राजकुमारी कनकवती का किरदार निभाया। रुक्मणी ने इसके लिए घुड़सवारी सीखी और वैजयंती माला की फिल्म आम्रपाली से लुक इंस्पिरेशन लिया। उनका किरदार शक्तिशाली, आत्मविश्वासी और दृढ़ था।
अन्य प्रोजेक्ट्स और भविष्य
2024 में रुक्मणी ने कन्नड़, तेलुगु और तमिल फिल्मों में कदम रखा। उन्होंने बानादरली, भैरती रानगल, अपुड़ो इुडो एपुडो, एस, मद्रासी जैसी फिल्मों में काम किया। 2025 में उनकी फिल्में टॉक्सिक और मणि रत्नम की अगली फिल्म में भी उनके नाम की चर्चा है। रुक्मणी ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर सही मौका आया तो वह बॉलीवुड में भी काम करेंगी।
रुक्मणी वसंत का करियर अभी केवल पांच साल पुराना है, लेकिन उन्होंने हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी है। कांतारा चैप्टर 1 की सफलता ने उन्हें नए मुकाम पर पहुंचा दिया है और आने वाले सालों में वह न केवल साउथ बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा की बड़ी एक्ट्रेस बनने वाली हैं।






