काशी के मुद्दे पर अखिलेश की सीधी चुनौती
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर Akhilesh Yadav vs Yogi Adityanath आमने-सामने नजर आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को सीधे चुनौती देते हुए सोशल मीडिया पर सवाल खड़ा किया है।
अखिलेश यादव ने सीएम योगी के एक बयान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि क्या योगी आदित्यनाथ यह बात काशी के घाट पर जाकर काशीवासियों की आंखों में आंखें डालकर कह सकते हैं। अखिलेश ने साफ कहा कि यह सवाल नहीं बल्कि चुनौती है।
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मणिकर्णिका घाट का वीडियो और नया विवाद
इससे पहले अखिलेश यादव ने वाराणसी के Manikarnika Ghat से जुड़ा एक और वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में घाट पर बुलडोजर चलते हुए दिख रहे हैं और दावा किया गया कि इसमें महारानी अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई है।
इस वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक बवाल मच गया। मामला इतना बढ़ा कि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बनारस जाकर स्थिति संभालनी पड़ी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
सीएम योगी का AI वीडियो वाला दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष AI की मदद से वीडियो बनाकर काशी को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करती है, लेकिन जनता को गुमराह करने और भड़काने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी चेतावनी दी कि AI generated video के जरिए भ्रम फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।
अखिलेश का पलटवार और दो बयानी का आरोप
सीएम योगी के बयान के बाद अखिलेश यादव ने उसी वीडियो को दोबारा पोस्ट करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि जब बीजेपी का झूठ पकड़ा जाता है तो आरोप AI पर डाल दिया जाता है।

अखिलेश ने एक Facebook लाइव वीडियो भी शेयर किया, जिसमें घाट पर क्षतिग्रस्त मूर्ति दिखाई जा रही है। यह लाइव वीडियो 9 जनवरी को घाट से किया गया था। अखिलेश का कहना है कि जब एक ही घटना को लेकर अलग-अलग बयान दिए जाते हैं तो झूठ खुद सामने आ जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासन और प्रशासन पहले ही तय कर लेते हैं कि सच को छुपाने के लिए कौन सा बयान देना है। लेकिन दो बयानी की वजह से जनता के बीच उनकी पोल खुल जाती है।
मंदिर, विकास और राजनीति
अखिलेश यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि धरती पर किसी राजा ने इतने मंदिर नहीं तोड़े होंगे जितने बीजेपी शासन में पौराणिक मंदिरों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि विकास के नाम पर काशी की पहचान को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
गौरतलब है कि जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट के पुनर्विकास के लिए ₹35 करोड़ की मंजूरी दी थी। इसी प्रोजेक्ट के तहत घाट पर पुराने ढांचों को हटाया जा रहा है, जिसको लेकर अब यह विवाद खड़ा हो गया है।
काशी के मुद्दे पर सियासत गरम
एक तरफ सरकार इसे विकास परियोजना बता रही है, दूसरी तरफ विपक्ष इसे काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़कर सवाल उठा रहा है। AI video, टूटी मूर्ति और बुलडोजर की तस्वीरों ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि काशी घाट विवाद पर सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है।






