February 11, 2026 5:29 AM

Ajit Pawar Plane Crash Last 7 Minutes Explained: रनवे से 50 मीटर पहले क्या हुआ, शुरुआती रिपोर्ट्स क्या संकेत देती हैं !!

Ajit Pawar plane crash last 7 minutes: क्या हुआ था आखिर? पहली लैंडिंग फेल, गो-अराउंड, फिर रनवे से 50 मीटर पहले क्रैश विजिबिलिटी, टेंपरेरी ATC और आखिरी फैसले जांच के घेरे में....

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Thursday, January 29, 2026

Ajit Pawar Plane Crash Last 7 Minutes Explained: रनवे से 50 मीटर पहले क्या हुआ, शुरुआती रिपोर्ट्स क्या संकेत देती हैं !!

जिस विमान हादसे में अजित पवार की जान गई, वह अब देश के सबसे गंभीर और रहस्यमय एविएशन हादसों में गिना जा रहा है। Ajit Pawar plane crash last 7 minutes को लेकर जैसे-जैसे शुरुआती रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, वैसे-वैसे यह साफ हो रहा है कि हादसा किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई फैक्टर्स के एक साथ जुड़ने का नतीजा हो सकता है। कम विजिबिलिटी, रनवे की स्थिति, टेंपरेरी एयर ट्रैफिक कंट्रोल और आखिरी पलों में पायलट्स का फैसला—इन सबने मिलकर हालात को बेहद नाजुक बना दिया।

इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम और एविएशन डेटा के आधार पर अब यह समझने की कोशिश की जा रही है कि आखिर वे आखिरी 7 मिनट कैसे गुजरे, जिनमें एक रूटीन लैंडिंग एक घातक हादसे में बदल गई।

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Ajit Pawar Plane Crash Last 7 Minutes Explained: रनवे से 50 मीटर पहले क्या हुआ, शुरुआती रिपोर्ट्स क्या संकेत देती हैं !!

Ajit Pawar plane crash last 7 minutes: टाइमलाइन मिनट-दर-मिनट

Ajit Pawar plane crash last 7 minutes की टाइमलाइन सुबह करीब 8:38 बजे से शुरू होती है। जिस लाइट जेट एयरक्राफ्ट में अजित पवार सवार थे, उसने पहली बार रनवे पर उतरने की कोशिश की। फ्लाइट डेटा के मुताबिक, पायलट्स ने रनवे के लिए अप्रोच जरूर की, लेकिन विजिबिलिटी इश्यू की वजह से लैंडिंग को पूरा नहीं किया जा सका।

करीब 8:38:45 पर विमान को गो-अराउंड मैन्युवर करते देखा गया। एविएशन की भाषा में इसका मतलब होता है कि पायलट्स ने लैंडिंग रोककर विमान को फिर से ऊपर उठाया और उसी दिशा में वापस ले गए, जहां से वे आ रहे थे। यह फैसला आम तौर पर तब लिया जाता है जब रनवे साफ नजर न आए या लैंडिंग सुरक्षित न लगे।

इसके बाद विमान कुछ मिनटों तक हवा में रहा। करीब 8:43 बजे एयरक्राफ्ट ने दोबारा रनवे की ओर बढ़ना शुरू किया। इसी दौरान पायलट्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच कम्युनिकेशन हुआ। पायलट्स ने बताया कि उन्हें रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। यह एक अहम पॉइंट है, क्योंकि विजुअल कंडीशंस में लैंडिंग तभी की जाती है जब पायलट को रनवे स्पष्ट दिखे।

करीब 8:43:20 पर पायलट्स ने कथित तौर पर ATC को बताया कि अब उन्हें रनवे दिखाई देने लगा है। यह सूचना मिलते ही हालात बदलते नजर आए। लेकिन इसके कुछ ही सेकंड बाद, यानी 8:44 से 8:45 के बीच, विमान रनवे से महज 50 मीटर पहले क्रैश हो गया। यही वह पल है, जिसने Ajit Pawar plane crash last 7 minutes को सबसे ज्यादा रहस्यमय बना दिया।

रनवे से 50 मीटर पहले क्रैश: क्या संकेत देता है यह फैक्ट

Ajit Pawar plane crash last 7 minutes में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की हो रही है कि विमान रनवे से सिर्फ 50 मीटर पहले क्यों गिरा। एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इतनी कम दूरी पर क्रैश होना यह दिखाता है कि पायलट्स आखिरी समय तक लैंडिंग की कोशिश कर रहे थे। इसका मतलब यह नहीं कि विमान पूरी तरह कंट्रोल से बाहर था, बल्कि संभव है कि अंतिम क्षणों में कोई विजुअल या अल्टीट्यूड मिसजजमेंट हुआ हो।

Ajit Pawar Plane Crash Last 7 Minutes Explained: रनवे से 50 मीटर पहले क्या हुआ, शुरुआती रिपोर्ट्स क्या संकेत देती हैं !!

कम विजिबिलिटी में अक्सर पायलट्स को यह अंदाजा लगाने में दिक्कत होती है कि वे रनवे से कितनी ऊंचाई पर हैं। अगर रनवे लाइट्स या आसपास के विजुअल रेफरेंस स्पष्ट न हों, तो विमान थोड़ा पहले या थोड़ा नीचे आ सकता है। Ajit Pawar plane crash last 7 minutes में यही थ्योरी सबसे ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।

टेंपरेरी ATC और बारामती एयर फील्ड की सीमाएं

Ajit Pawar plane crash last 7 minutes को समझने के लिए बारामती एयर फील्ड की स्थिति जानना भी जरूरी है। इस एयर फील्ड पर कोई परमानेंट एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) नहीं है। यहां दो फ्लाइंग एकेडमी और ट्रेनिंग स्कूल्स हैं, जो शिफ्ट्स में पायलट्स को लैंडिंग के दौरान गाइड करते हैं।

इसका मतलब यह है कि यहां कमर्शियल एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, एडवांस इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) या 24×7 प्रोफेशनल ATC मौजूद नहीं होता। ऐसे में जब मौसम या विजिबिलिटी बिगड़ती है, तो जोखिम अपने आप बढ़ जाता है। Ajit Pawar plane crash last 7 minutes में यह फैक्टर बेहद अहम माना जा रहा है।

ATC के बयान और OSINT डेटा क्या बताते हैं

इंडिया टुडे की पत्रकार श्रेया चटर्जी की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के वक्त टेंपरेरी ATC संभाल रहे व्यक्ति के बयान से भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
28 जनवरी 2026 को सुबह 8:18 बजे विमान ने पहली बार बारामती से संपर्क किया। इसके बाद जब विमान करीब 30 नॉटिकल माइल्स (लगभग 56 किलोमीटर) दूर था, तब अगली कॉल आई। इस स्टेज पर विमान को पुणे सेक्टर से रिलीज कर दिया गया और पायलट्स को Visual Meteorological Conditions (VMC) के तहत फैसला लेने को कहा गया।

पायलट्स ने हवा और विजिबिलिटी के बारे में पूछा, जिस पर उन्हें बताया गया कि हवा शांत है और विजिबिलिटी करीब 3000 मीटर तक है। इसके बाद विमान ने रनवे 11 पर अप्रोच की, लेकिन रनवे नजर न आने की वजह से पहली लैंडिंग कैंसल कर दी गई।

दूसरी बार अप्रोच के दौरान ATC ने कहा कि “जब रनवे दिखाई दे, तब बताइए।” पायलट्स ने पहले कहा कि रनवे नहीं दिख रहा, लेकिन कुछ सेकंड बाद उन्होंने कन्फर्म किया कि रनवे अब नजर आ रहा है। इसके बाद 8:43 बजे लैंडिंग क्लीयरेंस दे दिया गया।
लेकिन इसी के बाद ATC को विमान की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। 8:44 बजे रनवे के पास आग की लपटें दिखीं और इमरजेंसी सर्विसेज तुरंत मौके पर भेजी गईं। विमान का मलबा रनवे की बाईं ओर पाया गया।

जांच अब AAIB के हाथ में

Ajit Pawar plane crash last 7 minutes की जांच अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के पास है। AAIB के डायरेक्टर जनरल खुद क्रैश साइट पर जाकर जांच करेंगे। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, कम्युनिकेशन लॉग्स, मौसम की रिपोर्ट और ATC के बयान—इन सबको जोड़कर यह तय किया जाएगा कि हादसे की असली वजह क्या थी।

फिलहाल शुरुआती संकेत यही देते हैं कि यह हादसा किसी एक बड़ी तकनीकी खराबी से ज्यादा, विजिबिलिटी, फैसलों और एयरफील्ड की सीमाओं के कॉम्बिनेशन का नतीजा हो सकता है। Ajit Pawar plane crash last 7 minutes आने वाले दिनों में और भी कई सवालों के जवाब सामने ला सकता है।

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