February 11, 2026 3:51 AM

AI Overview Mistake: अगले साल को लेकर AI हुआ कंफ्यूज, सोशल मीडिया पर उड़ने लगी मज़ाक !!

Google AI Overview Mistake : “अगला साल कौन सा है?” जैसे आसान सवाल पर AI कंफ्यूज हो गया। Elon Musk ने भी कहा “room for improvement” ....

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Friday, January 9, 2026

AI Overview Mistake: अगले साल को लेकर AI हुआ कंफ्यूज, सोशल मीडिया पर उड़ने लगी मज़ाक !!

“अगला साल कौन सा है?” और AI हो गया कंफ्यूज

क्या अगला साल 2027 है या 2026? यह सवाल सुनने में भले ही बच्चों जैसा लगे, लेकिन यही सवाल जब AI से पूछा गया तो इंटरनेट पर बवाल मच गया। मामला Google AI Overview Mistake से जुड़ा है, जिसमें गूगल का AI इतना बेसिक सवाल भी ठीक से नहीं समझ पाया।

यह बातचीत किसी इंसान और बच्चे के बीच नहीं, बल्कि एक इंसान और Google के AI Overview फीचर के बीच हुई थी। AI Overview वही फीचर है, जिसमें गूगल पर कुछ भी सर्च करने पर सबसे ऊपर एक छोटी सी समरी दिखाई देती है। इसी फीचर ने अगले साल को लेकर ऐसा जवाब दिया कि लोग हैरान रह गए।

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AI Overview Mistake: अगले साल को लेकर AI हुआ कंफ्यूज, सोशल मीडिया पर उड़ने लगी मज़ाक !!

वायरल पोस्ट और लोगों का रिएक्शन

इस बातचीत को 5 जनवरी को एक्स पर एक पेज ने पोस्ट किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। AI ने जवाब में कहा कि “2027 अगला साल नहीं है क्योंकि यह साल 2026 है, अगला साल 2027 है।” इस जवाब ने लोगों को पूरी तरह कंफ्यूज कर दिया।

लोगों को पहले तो लगा कि यह कोई फेक पोस्ट है, लेकिन जब उन्होंने खुद सर्च किया तो वही जवाब सामने आया। यही से Google AI confusion चर्चा का विषय बन गया।

एलॉन मस्क की एंट्री और मज़ेदार कमेंट

मामला इतना वायरल हुआ कि खुद Elon Musk ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, “There is room for improvement,” यानी सुधार की गुंजाइश है।

इसके बाद यूज़र्स ने सिर्फ गूगल को ही नहीं, बल्कि दूसरे AI प्लेटफॉर्म्स को भी ट्रोल करना शुरू कर दिया। जब यही सवाल Grok AI से पूछा गया, तो वहां से भी उलझे हुए और गलत जवाब सामने आए। इस पर Grok की तरफ से भी मज़ाकिया अंदाज़ में माना गया कि सुधार की ज़रूरत है।

यह पहली बार नहीं जब AI से हुई गलती

Google AI Overview Mistake कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी AI के गलत जवाब कई बार सामने आ चुके हैं। एक बार किसी यूज़र ने गूगल से पूछा कि पिज़्ज़ा पर चीज़ ठीक से चिपक क्यों नहीं रही। AI Overview ने सुझाव दे दिया कि गोंद यानी ग्लू का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाद में पता चला कि यह जवाब 11 साल पुराने एक रेडिट थ्रेड से उठा लिया गया था।

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इसी तरह 2023 में अमेरिका में एक वकील ने कोर्ट केस की तैयारी के लिए AI का सहारा लिया। AI ने नकली केस लॉ का हवाला दे दिया, जिसे वकील ने बिना जांचे कोर्ट में पेश कर दिया। नतीजा यह हुआ कि जज ने वकील पर सख्त कार्रवाई की।

जब AI के सुझाव बने खतरनाक

न्यूज़ीलैंड में एक सुपरमार्केट ने AI बेस्ड मील प्लानर ऐप लॉन्च किया था। शुरुआत में यह अजीब रेसिपीज़ की वजह से चर्चा में रहा। लेकिन जब लोगों ने इसमें अजीब इनपुट डालने शुरू किए, तो AI ने खतरनाक सुझाव देने शुरू कर दिए। कहीं क्लोरीन गैस वाली ड्रिंक, तो कहीं ज़हर वाली ब्रेड सैंडविच तक के सुझाव सामने आए।

2022 में एक एयरलाइन कंपनी को भी AI चैटबॉट की गलत जानकारी की वजह से कस्टमर को भारी मुआवज़ा देना पड़ा। कोर्ट ने साफ कहा कि AI की गलती की जिम्मेदारी कंपनी की ही है।

AI मददगार है लेकिन पूरी तरह भरोसेमंद नहीं

Google AI Overview Mistake ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि AI हमारी ज़िंदगी आसान तो बना रहा है, लेकिन उस पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है। कॉन्फिडेंस के साथ दी गई गलत जानकारी कई बार नुकसानदायक साबित हो सकती है।

AI को एक टूल की तरह इस्तेमाल करना ज़रूरी है, न कि आखिरी सच मान लेना। फैसले लेने से पहले इंसानी समझ और जिम्मेदारी अब भी सबसे ज़्यादा जरूरी है।

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Google AI Overviews क्या है?

Google AI Overviews Google Search का एक AI-संचालित फीचर है जो उपयोगकर्ता के सर्च क्वेरी के ऊपर सबसे पहले एक संक्षिप्त, AI द्वारा तैयार किया गया सारांश (ओवरव्यू) दिखाता है। यह Gemini AI मॉडल पर आधारित है और वेब से जानकारी इकट्ठा करके मुख्य बिंदुओं को आसान भाषा में समझाता है। इससे यूजर्स को बिना कई वेबसाइट्स खोले जल्दी और सीधा जवाब मिल जाता है, खासकर “क्या है”, “कैसे करें” या जटिल सवालों के लिए। यह पारंपरिक सर्च रिजल्ट्स को बदलता नहीं है, बल्कि उन्हें सपोर्ट करता है और स्रोतों के लिंक भी देता है।

यह कैसे काम करता है?

Google AI Overviews Google के जेमिनी AI मॉडल का उपयोग करके काम करता है। जब आप सर्च करते हैं, तो सबसे पहले Google का पारंपरिक सर्च इंजन वेब से संबंधित पेज ढूंढता है। फिर AI इन पेजों से महत्वपूर्ण जानकारी निकालता है, उसे समझता है और एक संक्षिप्त, सुसंगत सारांश तैयार करता है। इसमें रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जेनरेशन (RAG) तकनीक का इस्तेमाल होता है, जहां AI रीयल-टाइम वेब डेटा को अपने प्रशिक्षित ज्ञान के साथ मिलाकर जवाब बनाता है। यह प्रक्रिया बहुत तेज होती है (मिलीसेकंड में) और जटिल सवालों को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर बेहतर जवाब देने की कोशिश करता है।

इसमें गलती होने की कितनी संभावना है?

Google AI Overviews में गलतियां होने की संभावना काफी है, खासकर 2025-2026 में कई रिपोर्ट्स के अनुसार। सामान्य सवालों में यह ज्यादातर सही रहता है और Google का कहना है कि “विशाल बहुमत” (vast majority) जवाब सटीक होते हैं, लेकिन स्वास्थ्य, फाइनेंस, तारीखों या जटिल/नई जानकारी वाले टॉपिक्स में गलतियां ज्यादा देखी गई हैं। कुछ स्टडीज और जांचों में 20% से 60% तक गलत या भ्रामक जवाब मिले हैं (जैसे स्वास्थ्य सलाह में 44% तक मेडिकल क्वेरीज में समस्या या 37% फाइनेंस में)। AI हेलुसिनेशन (काल्पनिक लेकिन विश्वसनीय लगने वाली गलत जानकारी) की वजह से यह “आत्मविश्वास से गलत” हो जाता है। Google सुधार कर रहा है, लेकिन पूरी तरह सटीक नहीं है। इसलिए हमेशा मूल स्रोतों से जांचें।
एआई मॉडल्स, जिसमें Grok AI भी शामिल है, वर्तमान और आने वाले वर्षों के बारे में पूछे गए सवालों पर अक्सर भ्रमित हो जाते हैं और गलत जवाब देते हैं क्योंकि उनकी ट्रेनिंग डेटा एक निश्चित समय सीमा तक सीमित होती है (जैसे कि 2023 या 2024 तक), जिसके बाद वे रीयल-टाइम अपडेट्स पर निर्भर रहते हैं, लेकिन ये अपडेट्स हमेशा पूर्ण या सटीक नहीं होते। वर्तमान वर्ष (2026) या अगले वर्ष (2027) से जुड़े सवालों में, अगर AI टूल्स (जैसे वेब सर्च या API) का इस्तेमाल नहीं करता या गलत व्याख्या करता है, तो वह पुराने पैटर्न्स पर आधारित अनुमान लगाता है, जो हेलुसिनेशन (काल्पनिक लेकिन विश्वसनीय लगने वाली गलत जानकारी) का कारण बनता है। उदाहरण के लिए, राजनीतिक घटनाएं, आर्थिक पूर्वानुमान या तकनीकी बदलावों के बारे में AI गलत डेटा दे सकता है क्योंकि भविष्य अनिश्चित होता है और ट्रेनिंग डेटा में नवीनतम घटनाएं शामिल नहीं होतीं। Grok जैसे मॉडल्स में ज्ञान को लगातार अपडेट करने की कोशिश की जाती है, लेकिन जटिल या तेजी से बदलते टॉपिक्स में गलतियां होना स्वाभाविक है, इसलिए उपयोगकर्ताओं को मूल स्रोतों से जांचने की सलाह दी जाती है।
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