“अगला साल कौन सा है?” और AI हो गया कंफ्यूज
क्या अगला साल 2027 है या 2026? यह सवाल सुनने में भले ही बच्चों जैसा लगे, लेकिन यही सवाल जब AI से पूछा गया तो इंटरनेट पर बवाल मच गया। मामला Google AI Overview Mistake से जुड़ा है, जिसमें गूगल का AI इतना बेसिक सवाल भी ठीक से नहीं समझ पाया।
यह बातचीत किसी इंसान और बच्चे के बीच नहीं, बल्कि एक इंसान और Google के AI Overview फीचर के बीच हुई थी। AI Overview वही फीचर है, जिसमें गूगल पर कुछ भी सर्च करने पर सबसे ऊपर एक छोटी सी समरी दिखाई देती है। इसी फीचर ने अगले साल को लेकर ऐसा जवाब दिया कि लोग हैरान रह गए।

वायरल पोस्ट और लोगों का रिएक्शन
इस बातचीत को 5 जनवरी को एक्स पर एक पेज ने पोस्ट किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। AI ने जवाब में कहा कि “2027 अगला साल नहीं है क्योंकि यह साल 2026 है, अगला साल 2027 है।” इस जवाब ने लोगों को पूरी तरह कंफ्यूज कर दिया।
लोगों को पहले तो लगा कि यह कोई फेक पोस्ट है, लेकिन जब उन्होंने खुद सर्च किया तो वही जवाब सामने आया। यही से Google AI confusion चर्चा का विषय बन गया।
एलॉन मस्क की एंट्री और मज़ेदार कमेंट
मामला इतना वायरल हुआ कि खुद Elon Musk ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, “There is room for improvement,” यानी सुधार की गुंजाइश है।
इसके बाद यूज़र्स ने सिर्फ गूगल को ही नहीं, बल्कि दूसरे AI प्लेटफॉर्म्स को भी ट्रोल करना शुरू कर दिया। जब यही सवाल Grok AI से पूछा गया, तो वहां से भी उलझे हुए और गलत जवाब सामने आए। इस पर Grok की तरफ से भी मज़ाकिया अंदाज़ में माना गया कि सुधार की ज़रूरत है।
यह पहली बार नहीं जब AI से हुई गलती
Google AI Overview Mistake कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी AI के गलत जवाब कई बार सामने आ चुके हैं। एक बार किसी यूज़र ने गूगल से पूछा कि पिज़्ज़ा पर चीज़ ठीक से चिपक क्यों नहीं रही। AI Overview ने सुझाव दे दिया कि गोंद यानी ग्लू का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाद में पता चला कि यह जवाब 11 साल पुराने एक रेडिट थ्रेड से उठा लिया गया था।

इसी तरह 2023 में अमेरिका में एक वकील ने कोर्ट केस की तैयारी के लिए AI का सहारा लिया। AI ने नकली केस लॉ का हवाला दे दिया, जिसे वकील ने बिना जांचे कोर्ट में पेश कर दिया। नतीजा यह हुआ कि जज ने वकील पर सख्त कार्रवाई की।
जब AI के सुझाव बने खतरनाक
न्यूज़ीलैंड में एक सुपरमार्केट ने AI बेस्ड मील प्लानर ऐप लॉन्च किया था। शुरुआत में यह अजीब रेसिपीज़ की वजह से चर्चा में रहा। लेकिन जब लोगों ने इसमें अजीब इनपुट डालने शुरू किए, तो AI ने खतरनाक सुझाव देने शुरू कर दिए। कहीं क्लोरीन गैस वाली ड्रिंक, तो कहीं ज़हर वाली ब्रेड सैंडविच तक के सुझाव सामने आए।
2022 में एक एयरलाइन कंपनी को भी AI चैटबॉट की गलत जानकारी की वजह से कस्टमर को भारी मुआवज़ा देना पड़ा। कोर्ट ने साफ कहा कि AI की गलती की जिम्मेदारी कंपनी की ही है।
AI मददगार है लेकिन पूरी तरह भरोसेमंद नहीं
Google AI Overview Mistake ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि AI हमारी ज़िंदगी आसान तो बना रहा है, लेकिन उस पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है। कॉन्फिडेंस के साथ दी गई गलत जानकारी कई बार नुकसानदायक साबित हो सकती है।
AI को एक टूल की तरह इस्तेमाल करना ज़रूरी है, न कि आखिरी सच मान लेना। फैसले लेने से पहले इंसानी समझ और जिम्मेदारी अब भी सबसे ज़्यादा जरूरी है।

Google AI Overviews क्या है?
यह कैसे काम करता है?
इसमें गलती होने की कितनी संभावना है?






