टीम इंडिया को एक नया ‘शेरा’ मिल चुका है। नाम है अभिषेक शर्मा और जिस अंदाज में उन्होंने भारत बनाम न्यूजीलैंड के तीसरे वनडे मुकाबले में बल्लेबाजी की, उसके बाद यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि यह निकनेम अब उनके नाम के साथ चिपक चुका है। सोशल मीडिया पर लंबे वक्त से उनके लिए किसी दमदार निकनेम की तलाश चल रही थी और अब ‘शेरा’ उस तलाश का सबसे मजबूत जवाब बनकर सामने आया है। तीसरे वनडे में अभिषेक ने जिस तरह की आक्रामक, निडर और बेकाबू बल्लेबाजी की, उसने कीवी गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया।
यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि Abhishek Sharma Shershaah Performance उस सोच, आत्मविश्वास और एटीट्यूड का उदाहरण थी, जो आने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
शेरा अभिषेक की दहाड़: आंकड़े, रिकॉर्ड और डर से आज़ादी
Abhishek Sharma Shershaah Performance को अगर सिर्फ आंकड़ों में देखें तो वह और भी खतरनाक लगती है। तीसरे वनडे में अभिषेक ने महज 14 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया और 20 गेंदों में 68 रन ठोक दिए। इस दौरान उनके बल्ले से सात चौके और पांच छक्के निकले। गेंदबाजों के पास न तो कोई लाइन बची और न ही कोई लेंथ। जिस गेंद पर उन्होंने चौका मारना चाहा, वहां चौका गया और जहां छक्का उड़ाना चाहा, वहां गेंद स्टैंड्स में पहुंची।
सबसे खास बात यह है कि अभिषेक शर्मा अब टी20 इंटरनेशनल में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाले उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 190 से ऊपर है। पूरी दुनिया में फिलहाल ऐसा कोई दूसरा बल्लेबाज नहीं है। यही वजह है कि Abhishek Sharma Shershaah Performance को सिर्फ एक मैच की कहानी नहीं, बल्कि एक ग्लोबल बेंचमार्क के तौर पर देखा जा रहा है।
यहां तुलना उनके गुरु और मेंटोर युवराज सिंह से होना भी लाज़मी है। युवराज के सबसे तेज अर्धशतक के रिकॉर्ड पर अब खतरा साफ दिखने लगा है। इससे पहले 16 गेंदों में हार्दिक पांड्या ने तेज अर्धशतक लगाया था, लेकिन जिस रफ्तार से अभिषेक खेल रहे हैं, वह रिकॉर्ड तोड़ना अब दूर की बात नहीं लगती। Abhishek Sharma Shershaah Performance ने यह साफ कर दिया है कि अगर कोई उस स्तर तक पहुंच सकता है, तो वह खुद अभिषेक ही हैं।
पिछली नाकामी से सीख और कीवी गेंदबाजों की बेबसी
Abhishek Sharma Shershaah Performance को और खास बनाता है उसका बैकग्राउंड। पिछले मैच में अभिषेक पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे। कीवी गेंदबाजों को लगा था कि उन्होंने इस युवा बल्लेबाज का तोड़ निकाल लिया है। लेकिन तीसरे वनडे में जो हुआ, उसने उस सोच को पूरी तरह तोड़ दिया। पिछली बार जिस गेंदबाज जैकब डफी ने उन्हें आउट किया था, उसी गेंदबाज के खिलाफ अभिषेक ने इस बार पहली गेंद पर हमला किया और उसी एरिया में शॉट खेला, जहां पिछली बार आउट हुए थे।
यह सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि माइंडसेट का खेल है। Abhishek Sharma Shershaah Performance इस बात का सबूत है कि वह गलती से डरने वाले बल्लेबाज नहीं हैं। अगर आउट हुए हैं, तो अगली बार उसी शॉट को और ज्यादा भरोसे के साथ खेलेंगे। यही सोच उन्हें अलग बनाती है।

उनकी तैयारी भी उतनी ही खास है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिषेक नेट्स में घंटों सिर्फ हिटिंग की प्रैक्टिस करते हैं। 60–70 बड़े शॉट्स लगाना उनके लिए रूटीन का हिस्सा है। पेसर्स हों या स्पिनर्स, वह हर तरह की गेंद के खिलाफ अपनी टाइमिंग और ताकत को परखते हैं। यही वजह है कि मैच के दिन उनके शॉट्स में झिझक नहीं दिखती।
ईशान किशन के साथ जोड़ी और T20 वर्ल्ड कप की तस्वीर
Abhishek Sharma Shershaah Performance का असर सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं, बल्कि पूरी टीम की एनर्जी पर दिखा। तीसरे वनडे में संजू सैमसन जल्दी आउट हो गए, लेकिन इसके बाद ईशान किशन के साथ अभिषेक ने जो साझेदारी की, उसने न्यूजीलैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। दोनों छोर से चौके-छक्कों की बरसात हो रही थी और गेंदबाजों के चेहरे पर साफ दिख रहा था कि उनके पास कोई जवाब नहीं है।
यही वह पॉइंट है जहां से T20 वर्ल्ड कप की तस्वीर उभरती है। अगर संजू सैमसन की फॉर्म में वापसी नहीं होती या टीम मैनेजमेंट कोई आक्रामक विकल्प चाहता है, तो ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी एक बेहद मजबूत विकल्प बन सकती है। दोनों का एटीट्यूड एक जैसा है—स्कोर कितना भी हो, शॉट्स खेलने का इरादा नहीं बदलता।
टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में भी इस अप्रोच का असर दिखने लगा है। सूर्यकुमार यादव पहले ही कह चुके हैं कि टीम सिर्फ अभिषेक के रन बनाने पर निर्भर नहीं है, लेकिन यह भी सच है कि Abhishek Sharma Shershaah Performance टीम को एक अलग ही आक्रामक पहचान देता है। यह वही ‘इंफेक्शियस एनर्जी’ है, जो पूरी टीम को उसी एटीट्यूड में खेलने के लिए प्रेरित करती है।
आने वाला T20 वर्ल्ड कप 6 फरवरी से शुरू होने वाला है और उससे पहले अभिषेक शर्मा का यह फॉर्म टीम इंडिया के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अगर यह शेरा इसी तरह दहाड़ता रहा, तो विपक्षी गेंदबाजों के लिए यह टूर्नामेंट बेहद मुश्किल होने वाला है।






