AB de Villiers on Asia Cup Trophy Dispute: एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया। दुबई में खेले गए इस मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराकर खिताब तो जीत लिया, लेकिन इसके बाद ट्रॉफी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, भारतीय टीम ने एसीसी चीफ मोहसीन नकवी से ट्रॉफी लेने से इंकार कर दिया। वजह साफ थी—मोहसीन नकवी न सिर्फ एसीसी के प्रमुख हैं, बल्कि पाकिस्तान सरकार के आंतरिक मंत्री भी हैं, जिन्होंने भारत विरोधी बयान दिए थे।
मामला यहीं नहीं रुका। भारतीय टीम ने जब उनसे ट्रॉफी लेने से मना किया तो नकवी ने भी ट्रॉफी देने से इनकार कर दिया और इसे लेकर पूरा विवाद और बढ़ गया। यहां तक कि नकवी ट्रॉफी उठाकर मंच से ही चले गए और भारतीय टीम विजेता होते हुए भी खाली हाथ रह गई। बाद में खबरें आईं कि नकवी ने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से यूएई स्थित एसीसी हेडक्वार्टर जाकर ट्रॉफी लेने को कहा। हालांकि इस रवैये पर बीसीसीआई के अधिकारियों ने मीटिंग में नकवी को कड़ी फटकार लगाई।
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AB de Villiers का बयान और विवाद
इस विवाद पर अब कई दिग्गज खिलाड़ियों और एक्सपर्ट्स ने अपनी राय दी है। इन्हीं में शामिल रहे दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर एबी डी विलियर्स। अपने यूट्यूब शो पर डिविलियर्स ने कहा कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए और भारत का रवैया सही नहीं था। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया को शायद ट्रॉफी देने वाले शख्स से समस्या थी, लेकिन ऐसे मौके पर राजनीति को खेल से अलग रखना ही बेहतर होता।
उनका यह बयान भारतीय क्रिकेट फैंस को रास नहीं आया और सोशल मीडिया पर उन्हें घेर लिया गया। कई यूज़र्स ने लिखा कि आईपीएल में पैसा कमाने वाले डी विलियर्स अब भारतीय बोर्ड की आलोचना कर रहे हैं। एक यूज़र ने तंज कसते हुए कहा—“डी विलियर्स को लगता है ट्रॉफी देश से बड़ी है, क्योंकि उन्होंने असली वाली छुई ही नहीं।”

मोहसीन नकवी पर सवाल
भारतीय क्रिकेट फैंस का कहना है कि जब नकवी खुद एक राजनीतिक पद पर हैं और उन्होंने कई बार भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं, तो उनके हाथ से ट्रॉफी लेने से इनकार करना बिल्कुल सही कदम था। फैंस का मानना है कि यह विवाद खेल और राजनीति के टकराव का नतीजा है, जिसकी वजह खुद नकवी बने।
तनावपूर्ण पृष्ठभूमि
यह एशिया कप फाइनल वैसे भी बेहद तनावपूर्ण माहौल में हुआ था, क्योंकि यह मैच पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की पहली भिड़ंत थी। मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच भी कई बार तीखे पल देखने को मिले। फाइनल जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जीत भारतीय सेना और हमले के शहीदों को समर्पित की।
भले ही भारत विजेता होते हुए भी मंच पर ट्रॉफी नहीं उठा सका, लेकिन पाकिस्तान को हराकर तीन-जीरो की क्लीन स्वीप कर उसने साबित कर दिया कि मैदान पर उसका दबदबा कायम है। एबी डी विलियर्स के बयान ने बहस को और भड़का दिया है, लेकिन भारतीय फैंस का रुख साफ है—देश और सम्मान ट्रॉफी से कहीं बड़ा है।






