July 13, 2026 2:39 AM

Vaibhav Sooryavanshi Wimbledon: विंबलडन में छाए वैभव सूर्यवंशी, युवराज सिंह के साथ देखा फाइनल; बोले- नोवाक जोकोविच हैं मेरे आइडल

Vaibhav Sooryavanshi Wimbledon चर्चा में है क्योंकि भारतीय क्रिकेट के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी ने पहली बार विंबलडन फाइनल का लाइव अनुभव लिया। युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के साथ सेंटर कोर्ट पहुंचे वैभव ने नोवाक जोकोविच को अपना आइडल बताया और जैनिक सिनर की

EDITED BY: Rudra Pratap Singh

UPDATED: Monday, July 13, 2026

Vaibhav Sooryavanshi Wimbledon: विंबलडन में छाए वैभव सूर्यवंशी, युवराज सिंह के साथ देखा फाइनल; बोले- नोवाक जोकोविच हैं मेरे आइडल

Vaibhav Sooryavanshi Wimbledon भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी ने रविवार को पहली बार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन का लाइव अनुभव लिया। महज 15 वर्षीय बल्लेबाज ने सेंटर कोर्ट पर पुरुष एकल फाइनल मुकाबला देखा और इस यादगार पल को भारतीय क्रिकेट के दिग्गज युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के साथ साझा किया। क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा से सभी का ध्यान खींचने वाले वैभव के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा।

विंबलडन को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित खेल आयोजनों में गिना जाता है और यहां पहली बार पहुंचने के बाद वैभव ने अपनी खुशी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह फाइनल मुकाबला लाइव देखकर यह समझना चाहते हैं कि बड़े खिलाड़ी दबाव की परिस्थितियों में किस तरह प्रदर्शन करते हैं।

पहली बार विंबलडन पहुंचने पर क्या बोले वैभव?

विंबलडन को दिए इंटरव्यू में वैभव सूर्यवंशी ने कहा,

“मैं यहां फाइनल मैच देखने आया हूं। मैं यह अनुभव लेना चाहता हूं कि बड़े खिलाड़ी फाइनल जैसे मुकाबलों में किस तरह खेलते हैं। उन्हें लाइव देखकर काफी कुछ सीखने का मौका मिलेगा। यह मेरे लिए बहुत खास अनुभव है।”

उन्होंने कहा कि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को इतने करीब से खेलते देखना प्रेरणादायक होता है।

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नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल हैं पसंदीदा खिलाड़ी

वैभव ने बताया कि वह पिछले चार-पांच वर्षों से टेनिस देख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल को फॉलो किया है।

उन्होंने कहा,

“मैंने नडाल और जोकोविच के काफी मुकाबले देखे हैं। मुझे खास तौर पर नोवाक जोकोविच का खेल बहुत पसंद है। बचपन से इन्हीं दोनों खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फॉलो किया है।”

हालांकि मौजूदा दौर के खिलाड़ियों में वैभव ने जैनिक सिनर को सबसे प्रभावशाली बताया।

Vaibhav Sooryavanshi Wimbledon:
 

जैनिक सिनर को बताया फाइनल का प्रबल दावेदार

जब उनसे पूछा गया कि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों में कौन सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, तो उन्होंने बिना देर किए जैनिक सिनर का नाम लिया।

वैभव ने कहा,

“सिनर ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह शानदार रहा है। उन्होंने लगातार बेहतरीन खेल दिखाया है। मुझे उम्मीद है कि वही फाइनल जीतेंगे।”

उनका मानना है कि सिनर इस समय दुनिया के सबसे शानदार खिलाड़ियों में शामिल हैं और बड़े मुकाबलों में भी काफी आत्मविश्वास के साथ खेलते हैं।

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अभिषेक शर्मा ने तैयार कराया खास लुक

विंबलडन में अपने स्टाइलिश लुक को लेकर भी वैभव चर्चा में रहे। जब उनसे उनके आउटफिट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इसमें अभिषेक शर्मा ने उनकी मदद की।

उन्होंने कहा,

“मैंने पहले से कुछ खास प्लान नहीं किया था। जो कपड़े जल्दी मिल गए, वही पहन लिए। अभिषेक भैया ने मेरी काफी मदद की और इसी तरह तैयार होकर यहां पहुंच गया।”

उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।

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क्रिकेट और टेनिस का अनोखा संगम

इस साल विंबलडन में भारतीय क्रिकेट जगत की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। इससे पहले सचिन तेंदुलकर और भारतीय टेस्ट एवं वनडे कप्तान शुभमन गिल भी पुरुष एकल सेमीफाइनल मुकाबले देखने पहुंचे थे। दोनों ने रॉयल बॉक्स से मुकाबले का आनंद लिया था।

रविवार को फाइनल के दौरान भारतीय क्रिकेट की नई और पुरानी पीढ़ी एक साथ नजर आई। युवराज सिंह, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह और बढ़ा दिया।

डबल्स पार्टनर के लिए चुना अभिषेक शर्मा को

इंटरव्यू के दौरान वैभव से एक मजेदार सवाल पूछा गया कि अगर उन्हें किसी क्रिकेटर के साथ टेनिस डबल्स खेलना हो तो वह किसे चुनेंगे।

इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,

“मैं अभिषेक भैया को ही चुनूंगा। क्रिकेट में भी वह मेरे ओपनिंग पार्टनर हैं, इसलिए टेनिस में भी उन्हीं के साथ खेलना चाहूंगा।”

उनके इस जवाब पर वहां मौजूद सभी लोग मुस्कुरा उठे।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक अनुभव

महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं। हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। ऐसे में विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहुंचकर दुनिया के महान खिलाड़ियों को करीब से देखना उनके लिए सीखने का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

क्रिकेट और टेनिस भले ही अलग-अलग खेल हों, लेकिन बड़े मंच पर दबाव से निपटने, मानसिक मजबूती और निरंतर प्रदर्शन जैसी बातें हर खिलाड़ी के लिए समान होती हैं। यही वजह है कि वैभव ने इस अनुभव को अपने करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के इस युवा सितारे से बड़ी उम्मीदें हैं और विंबलडन का यह पहला अनुभव निश्चित रूप से उनकी खेल यात्रा की यादगार उपलब्धियों में शामिल रहेगा(source)

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