FSSAI Energy Drink Notice को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने रेड बुल, स्टिंग, मॉन्स्टर समेत छह लोकप्रिय पेय ब्रांड्स को नोटिस जारी कर उनके प्रचार और लेबलिंग पर जवाब मांगा है। FSSAI का कहना है कि इन उत्पादों को “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, जबकि भारतीय खाद्य नियमों में “एनर्जी ड्रिंक” नाम की कोई अलग श्रेणी मौजूद नहीं है।
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1 जुलाई को FSSAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित कंपनियों के विज्ञापनों और उत्पादों की पैकेजिंग में ऐसे दावे किए जा रहे हैं, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं और खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

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FSSAI Energy Drink Notice क्यों जारी किया गया?
FSSAI के अनुसार, कई कंपनियां अपने उत्पादों को इस तरह प्रचारित कर रही हैं कि उन्हें पीने से शरीर में तुरंत ऊर्जा आती है, थकान दूर होती है, फोकस बढ़ता है या कार्यक्षमता बेहतर होती है। प्राधिकरण का मानना है कि इस प्रकार के दावे “फंक्शनल” या “थेरेप्यूटिक” दावों की श्रेणी में आते हैं।
Food Safety and Standards Act, 2006 और उससे जुड़े नियमों के अनुसार, कोई भी खाद्य उत्पाद बिना पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण और FSSAI की पूर्व स्वीकृति के ऐसे स्वास्थ्य संबंधी दावे नहीं कर सकता।
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क्या वास्तव में ये एनर्जी ड्रिंक हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में बिकने वाले अधिकांश तथाकथित “एनर्जी ड्रिंक” मुख्य रूप से कैफीन, चीनी, टॉरिन, विटामिन-बी समूह और पानी से बने होते हैं।
इनमें मौजूद कैफीन शरीर को वास्तविक ऊर्जा नहीं देता, बल्कि मस्तिष्क में मौजूद एडेनोसिन (Adenosine) नामक रसायन के प्रभाव को कुछ समय के लिए कम कर देता है। यही कारण है कि व्यक्ति को कुछ समय के लिए अधिक सतर्कता, जागरूकता और फोकस महसूस होता है।
सरल शब्दों में कहें तो ये पेय शरीर में नई ऊर्जा पैदा नहीं करते, बल्कि थकान का एहसास कुछ समय के लिए कम कर देते हैं। यही वजह है कि कई विशेषज्ञ इन्हें “हाई कैफीन ड्रिंक” कहना अधिक उपयुक्त मानते हैं।

अधिक सेवन से हो सकते हैं ये नुकसान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक मात्रा में हाई कैफीन वाले पेय पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
इनके अत्यधिक सेवन से दिल की धड़कन तेज होना, चिंता (Anxiety), अनिद्रा, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और बाद में अचानक थकान (Energy Crash) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को ऐसे पेय पदार्थों का सेवन सावधानी से करने की सलाह दी जाती है।
हालांकि सीमित मात्रा में कैफीन का सेवन अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है, लेकिन लगातार और अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है।
पहले भी FSSAI कर चुका है कार्रवाई
FSSAI Energy Drink Notice कोई पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले जून 2026 में प्राधिकरण ने कई खाद्य कंपनियों को उनके भ्रामक ब्रांड नाम और दावों को लेकर नोटिस जारी किया था।
इनमें ऐसे ब्रांड शामिल थे, जिनके उत्पादों के नाम या प्रचार से उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिलने का भ्रम पैदा होने की आशंका जताई गई थी।
इससे पहले वर्ष 2015 में मैगी मामले में भी FSSAI ने बड़ा कदम उठाया था। उस समय मैगी के कुछ नमूनों में निर्धारित सीमा से अधिक लेड पाए जाने और “No Added MSG” दावे को लेकर कंपनी को बाजार से कई उत्पाद वापस लेने पड़े थे।
यदि मौजूदा मामले में कंपनियों के जवाब FSSAI को संतोषजनक नहीं लगते हैं, तो प्राधिकरण जुर्माना लगाने, लेबल बदलने के निर्देश देने, उत्पाद की बिक्री पर रोक लगाने या गंभीर मामलों में लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी कर सकता है।
फिलहाल सभी की नजर कंपनियों के जवाब और FSSAI के अगले कदम पर है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के लिए भी एक संदेश है कि किसी भी खाद्य या पेय उत्पाद के विज्ञापन में किए गए दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय उसकी वास्तविक जानकारी और लेबल को समझना जरूरी है।





