Russia Ukraine War में सेंट पीटर्सबर्ग बना नया निशाना
Russia Ukraine War: के बीच शनिवार को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग और उसके आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों की खबर सामने आई। रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि यूक्रेन ने अब तक का सबसे बड़ा और अभूतपूर्व ड्रोन हमला किया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब सेंट पीटर्सबर्ग में रूस का वार्षिक आर्थिक मंच अपने अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका था।
लेनिनग्राद क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर द्रोज़देंको के अनुसार, सुरक्षा बलों ने क्षेत्र के ऊपर 140 से अधिक ड्रोन मार गिराए। वहीं सेंट पीटर्सबर्ग के गवर्नर अलेक्जेंडर बेग्लोव ने नागरिकों से घरों के अंदर रहने की अपील की। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला अवसर बताया जा रहा है जब शहर के निवासियों को इस प्रकार की चेतावनी जारी की गई।
रूसी प्रशासन का कहना है कि हमलों के कारण एक सैन्य प्रतिष्ठान में आग लग गई और एहतियातन आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि नागरिक ढांचे को सीमित नुकसान हुआ है।
यूक्रेन ने नौसैनिक अड्डे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का किया दावा
Russia Ukraine War के ताजा घटनाक्रम पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सेना ने रूस के हथियार भंडारों और नौसैनिक सुविधाओं को निशाना बनाया है। उन्होंने इसे रूस द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों का जवाब बताया।
ज़ेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी तय करके सेंट पीटर्सबर्ग क्षेत्र तक पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि ड्रोन हमलों का लक्ष्य क्रोनस्टाड स्थित नौसैनिक अड्डा और रूसी नौसेना के हथियार भंडार थे। क्रोनस्टाड को रूस की बाल्टिक फ्लीट का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित एक तेल भंडारण केंद्र को भी निशाना बनाया गया। उनके अनुसार यह हमला रूस की युद्ध क्षमता को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी लंबी दूरी तक ड्रोन पहुंचना यूक्रेन की बढ़ती सैन्य क्षमता और नई रणनीतिक सोच को दर्शाता है। इससे रूस के भीतर स्थित महत्वपूर्ण सैन्य और आर्थिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो सकती हैं।

युद्धविराम पर बढ़ा विवाद, पुतिन और ज़ेलेंस्की आमने-सामने
Russia Ukraine War के बीच सैन्य संघर्ष के साथ-साथ कूटनीतिक टकराव भी जारी है। हाल ही में ज़ेलेंस्की ने युद्ध समाप्त करने के लिए युद्धविराम और प्रत्यक्ष वार्ता का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से आमने-सामने बातचीत की अपील की थी।
हालांकि रूस के आर्थिक मंच में बोलते हुए पुतिन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी बैठक का कोई औचित्य नहीं है। पुतिन का तर्क है कि युद्धविराम से यूक्रेन को अपनी सैन्य ताकत फिर से संगठित करने का अवसर मिल जाएगा।
रूसी राष्ट्रपति ने दोहराया कि युद्ध तभी समाप्त होगा जब रूस के रणनीतिक लक्ष्य पूरे होंगे। रूस लगातार मांग करता रहा है कि यूक्रेन डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसोन और ज़ापोरिज्जिया क्षेत्रों से अपने दावे छोड़ दे तथा नाटो में शामिल होने की कोशिशें बंद करे।
दूसरी ओर यूक्रेन इन शर्तों को अस्वीकार्य मानता है। कीव का कहना है कि किसी भी प्रकार का क्षेत्रीय समझौता भविष्य में रूस को और अधिक आक्रामक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
Russia Ukraine War में बढ़ता तनाव और वैश्विक चिंता
Russia Ukraine War अब चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार नए चरण में पहुंच रहा है। हालिया ड्रोन हमले इस बात का संकेत हैं कि युद्ध अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की रणनीतिक और आर्थिक क्षमताओं को सीधे निशाना बना रहे हैं।
सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित आर्थिक मंच रूस के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है। ऐसे समय में हुए हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था और युद्ध के आर्थिक प्रभावों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष जल्द किसी कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे नहीं बढ़ते हैं, तो संघर्ष और अधिक व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में रूस और यूक्रेन की अगली रणनीति क्या होगी और क्या शांति वार्ता की कोई नई संभावना बन पाएगी।(source)




