June 6, 2026 12:25 AM

Annamalai New Party: बीजेपी से अलग हुए अन्नामलाई, नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान; तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल

Annamalai New Party को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बीजेपी छोड़ने के कुछ ही घंटों बाद के. अन्नामलाई ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी नई पार्टी के उतरने से राज्य में नए राजनीतिक समीकरण

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Friday, June 5, 2026

Annamalai New Party: बीजेपी से अलग हुए अन्नामलाई, नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान; तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल

Annamalai New Party: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने बीजेपी से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। इस घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं और संभावित राजनीतिक समीकरणों का दौर शुरू हो गया है।

अन्नामलाई लंबे समय से तमिलनाडु बीजेपी का प्रमुख चेहरा माने जाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में बीजेपी ने राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश की थी। हालांकि हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, जिसके बाद संगठन और रणनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

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Annamalai New Party: बीजेपी से अलग हुए अन्नामलाई, नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान; तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल


बीजेपी नेतृत्व से मतभेद के बाद लिया बड़ा फैसला

अन्नामलाई ने अपनी घोषणा के दौरान कहा कि उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले ही बीजेपी नेतृत्व को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी। उनके अनुसार, उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी नेतृत्व से कहा था कि वे इस्तीफा देना चाहते हैं। हालांकि उस समय पार्टी ने उनसे चुनाव समाप्त होने तक संगठन में बने रहने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि उनके सामने एक बड़ा वैचारिक संघर्ष था कि वे पहले बीजेपी के कार्यकर्ता हैं या तमिलनाडु के हितों की आवाज उठाने वाले नेता। अन्नामलाई का कहना है कि तमिलनाडु से जुड़े कई मुद्दों पर उनकी सोच और पार्टी नेतृत्व की सोच में अंतर था, जिसके कारण उन्होंने अलग रास्ता चुनने का फैसला किया।

अपने इस्तीफे के पत्र में भी उन्होंने बीजेपी नेतृत्व का धन्यवाद किया और कहा कि वर्षों तक उन्हें समर्थन मिला, लेकिन तमिलनाडु के भविष्य और राज्य की राजनीति को लेकर दोनों पक्षों की सोच अब एक जैसी नहीं रही। इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।

नई पार्टी के ऐलान से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

अन्नामलाई ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका नया राजनीतिक संगठन केवल एक आंदोलन नहीं रहेगा बल्कि वह एक राजनीतिक दल के रूप में आगामी विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगा। हालांकि उन्होंने अभी तक पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक ढांचे को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई की लोकप्रियता और उनकी सक्रिय राजनीतिक शैली नई पार्टी को शुरुआती समर्थन दिला सकती है। खासकर युवाओं और शहरी मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पहचान रही है।

उनकी घोषणा ऐसे समय में आई है जब तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति का दबदबा बना हुआ है और राष्ट्रीय दल लगातार अपने आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में एक नए राजनीतिक दल का मैदान में उतरना आगामी चुनावों को और दिलचस्प बना सकता है।

कोयंबटूर समेत कई इलाकों में अन्नामलाई के समर्थन में लगाए गए पोस्टर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनके जन्मदिन से पहले लगे पोस्टरों में उन्हें नेतृत्व संभालने और नई दिशा देने की अपील की गई थी। इससे पहले ही उनके समर्थकों के बीच नई पार्टी को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।

Annamalai New Party: बीजेपी से अलग हुए अन्नामलाई, नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान; तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल


दिल्ली दौरे के बाद तेज हुई थीं अटकलें

नई पार्टी की घोषणा से कुछ दिन पहले अन्नामलाई ने नई दिल्ली का दौरा किया था। वहां उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बीएल संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इन बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

हालांकि उस समय आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया था, लेकिन अब उनके इस्तीफे और नई पार्टी के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि यह फैसला काफी समय से तैयार किया जा रहा था।

बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इससे साफ हो गया है कि दोनों पक्ष अब अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर आगे बढ़ेंगे।

तमिलनाडु की राजनीति पर क्या होगा असर?

अन्नामलाई ने तमिलनाडु में बीजेपी के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का वोट शेयर बढ़ाने का श्रेय भी काफी हद तक उन्हें दिया जाता है। हालांकि पार्टी कोई सीट जीतने में सफल नहीं रही थी।

इसके बाद बीजेपी और एआईएडीएमके के संबंधों तथा राज्य नेतृत्व को लेकर कई विवाद सामने आए। अंततः 2025 में अन्नामलाई की जगह नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद से ही उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं जारी थीं।

अब नई पार्टी के गठन से तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होता दिखाई दे रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्नामलाई अपनी नई पार्टी को कितना मजबूत संगठनात्मक ढांचा दे पाते हैं और क्या वह राज्य की पारंपरिक राजनीतिक ताकतों को चुनौती देने में सफल होते हैं।

फिलहाल इतना तय है कि उनके इस फैसले ने तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

SOURCE: ANI

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