नई दिल्ली में चल रहे Budget Session के दौरान एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए सरकार ने Jan Vishwas Bill को Lok Sabha से वापस ले लिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि Select Committee द्वारा दी गई सिफारिशों को बिल में शामिल किया जा सके और इसे अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने सदन की अनुमति लेकर Jan Vishwas Bill को वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की।
क्यों वापस लिया गया Jan Vishwas Bill
सरकार द्वारा पेश किया गया Jan Vishwas Bill (Amendment of Provisions) Bill, 2025 का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कानूनों में संशोधन कर decriminalisation और rationalisation of offences को बढ़ावा देना था। इसका लक्ष्य था कि छोटे-छोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर व्यापार और जीवन को आसान बनाया जा सके।
हालांकि, इस बिल की समीक्षा के लिए इसे Select Committee के पास भेजा गया था, जिसने इसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अब सरकार उन सिफारिशों को शामिल करने के लिए इस बिल को वापस लेकर संशोधित रूप में दोबारा पेश करना चाहती है।
Select Committee की भूमिका
Select Committee ने Jan Vishwas Bill के विभिन्न प्रावधानों का गहराई से अध्ययन किया। समिति का उद्देश्य था कि कानूनों को सरल और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि compliance आसान हो और unnecessary criminal penalties को हटाया जा सके।
इस समिति ने कई केंद्रीय कानूनों में बदलाव की सिफारिश की, जिनमें अलग-अलग sectors जैसे transport, finance, environment और industry से जुड़े कानून शामिल थे।
सरकार का मानना है कि इन सिफारिशों को शामिल करने से Jan Vishwas Bill और अधिक मजबूत और प्रभावी बन जाएगा।

Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
Jan Vishwas Bill का एक बड़ा उद्देश्य भारत में Ease of Doing Business को सुधारना है। कई छोटे उल्लंघनों के लिए आपराधिक सजा के बजाय civil penalties लागू करने का प्रस्ताव इस बिल में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे:
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व्यापारियों और उद्योगों पर कानूनी दबाव कम होगा
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compliance process आसान होगी
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निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा
सरकार का यह कदम trust-based governance की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Parliament में प्रक्रिया क्या होती है
संसद में किसी भी pending bill को वापस लेने के लिए सरकार को सदन की अनुमति लेनी होती है। Piyush Goyal ने यही प्रक्रिया अपनाते हुए Lok Sabha से Jan Vishwas Bill को वापस लिया।
इसके बाद संशोधित बिल को दोबारा पेश किया जा सकता है, जिसमें नई सिफारिशें शामिल होंगी।
Budget Session के दौरान अहम फैसला
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब संसद में Budget Session चल रहा है। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों और आर्थिक नीतियों पर काम कर रही है।
Jan Vishwas Bill का वापस लिया जाना यह दर्शाता है कि सरकार कानूनों को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय उन्हें बेहतर और अधिक प्रभावी बनाने पर ध्यान दे रही है।
व्यापार और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
व्यापार और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि Jan Vishwas Bill में किए जा रहे संशोधन भारत के business environment को बेहतर बनाएंगे।
कई उद्योग संगठनों ने पहले भी सुझाव दिया था कि minor offences के लिए criminal provisions को हटाया जाना चाहिए। इससे entrepreneurs को unnecessary legal complications से राहत मिलेगी।
भविष्य में क्या होगा
अब उम्मीद की जा रही है कि संशोधित Jan Vishwas Bill जल्द ही Lok Sabha में दोबारा पेश किया जाएगा। इसमें Select Committee की सिफारिशों को शामिल किया जाएगा, जिससे यह बिल और अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बन सके।(source)
सरकार का लक्ष्य है कि यह बिल लागू होने के बाद:
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compliance burden कम हो
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business environment बेहतर बने
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governance में transparency और trust बढ़े
भारत की आर्थिक नीतियों में अहम कदम
Jan Vishwas Bill को भारत की आर्थिक सुधार प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह bill छोटे अपराधों को criminal category से हटाकर civil penalties में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इससे न केवल उद्योगों को राहत मिलेगी बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच trust भी मजबूत होगा।




