New Delhi: संसद के Budget Session के दौरान Lok Sabha में हुई तीखी बहस के बीच Congress MP Priyanka Gandhi Vadra ने Union Home Minister Amit Shah पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लाया गया no confidence motion वास्तव में Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ था और इसे Rahul Gandhi के खिलाफ मुद्दे के रूप में पेश करना गलत है।
Lok Sabha में चल रही चर्चा के दौरान Priyanka Gandhi ने स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि सदन के संचालन और विपक्ष की आवाज को लेकर उठे सवालों पर ध्यान आकर्षित करना था।
Lok Sabha में no confidence motion पर हुई तीखी बहस
Parliament के Budget Session 2026 के दौरान विपक्ष ने Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ no confidence motion पेश किया था। यह प्रस्ताव Congress MP Mohammad Jawed द्वारा पेश किया गया था और इसे कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला।
इस प्रस्ताव पर Lok Sabha में लंबी चर्चा हुई, जिसमें कई सांसदों ने अपनी राय रखी। हालांकि बाद में यह no confidence motion सदन में voice vote के जरिए खारिज कर दिया गया।
बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली।
ये भी पढ़े :Gurugram building collapse: 7 मजदूरों की मौत, 12 घायल अस्पताल में भर्ती

Priyanka Gandhi ने Amit Shah के बयान का किया जवाब
चर्चा के दौरान Amit Shah ने Rahul Gandhi पर कई आरोप लगाए और उनकी संसदीय उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि Rahul Gandhi अक्सर महत्वपूर्ण बहसों के समय विदेश यात्राओं पर रहते हैं और संसद में कम दिखाई देते हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए Priyanka Gandhi ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गलत दिशा में ले जा रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का no confidence motion स्पष्ट रूप से Speaker Om Birla के खिलाफ था और इसे Rahul Gandhi के खिलाफ बहस में बदलना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भ्रमित करने जैसा है।
Priyanka Gandhi ने यह भी कहा कि Leader of Opposition Rahul Gandhi ने हमेशा संसद में अपनी बात रखने की कोशिश की है और वह सत्ता पक्ष के दबाव के बावजूद सच बोलते रहे हैं।
Rahul Gandhi पर उठे सवाल
Lok Sabha की कार्यवाही के दौरान Amit Shah ने Rahul Gandhi की संसद में उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पिछले कई Lok Sabha कार्यकालों में Rahul Gandhi की उपस्थिति राष्ट्रीय औसत से कम रही है।
Amit Shah के अनुसार:
-
17th Lok Sabha में Rahul Gandhi की उपस्थिति लगभग 51% रही
-
जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 67% था
उन्होंने यह भी कहा कि कई महत्वपूर्ण बहसों के दौरान Rahul Gandhi विदेश में रहे।
इन टिप्पणियों के बाद सदन में विपक्षी सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और बहस का माहौल और गर्म हो गया।
Speaker Om Birla के खिलाफ प्रस्ताव क्यों आया
विपक्षी दलों का कहना था कि Lok Sabha proceedings के दौरान विपक्ष की आवाज को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है।
उनका आरोप था कि कई मौकों पर विपक्षी सांसदों को बोलने का अवसर नहीं मिला और उनकी बात को बीच में रोक दिया गया।
इन्हीं आरोपों के आधार पर विपक्ष ने Speaker Om Birla के खिलाफ no confidence motion लाने का निर्णय लिया था।
हालांकि सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।
सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से Amit Shah और अन्य BJP नेताओं ने कहा कि Speaker सदन के सभी दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके खिलाफ no confidence motion लाना लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है।
Amit Shah ने कहा कि Speaker का पद किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे सदन का होता है और इस पद पर सवाल उठाने से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद में नियमों के अनुसार ही कार्यवाही चलती है और किसी भी सदस्य का माइक्रोफोन तभी बंद किया जाता है जब वह नियमों का उल्लंघन करता है।
Lok Sabha में बढ़ा राजनीतिक तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान Lok Sabha में सरकार और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस और नारेबाजी भी देखने को मिली।
कई विपक्षी सांसदों ने सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में भारतीय राजनीति में और अधिक बहस का विषय बन सकता है।(source)
no confidence motion का परिणाम
लंबी चर्चा के बाद Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ लाया गया no confidence motion अंततः voice vote से खारिज कर दिया गया।
इस फैसले के बाद सरकार ने इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बताया, जबकि विपक्ष ने कहा कि वह संसद में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा।
निष्कर्ष
Lok Sabha में हुई इस बहस ने एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को उजागर कर दिया है।
Priyanka Gandhi के बयान ने यह स्पष्ट किया कि विपक्ष का no confidence motion Speaker के खिलाफ था और इसे Rahul Gandhi के खिलाफ मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संसद के आगामी सत्रों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।




