Darjeeling: President Droupadi Murmu ने Darjeeling district में आयोजित 9th International Santal Conference के दौरान West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी देश का President किसी राज्य का दौरा करता है तो वहां के Chief Minister और वरिष्ठ मंत्री आमतौर पर उनका स्वागत करने और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मौजूद रहते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए President Murmu ने कहा कि वह भी “daughter of Bengal” हैं और उन्हें समझ नहीं आया कि इस बार ऐसा क्यों नहीं हुआ।
यह बयान ऐसे समय आया जब Darjeeling में आयोजित Santal Conference को लेकर राज्य और Centre के बीच राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
Darjeeling में आयोजित हुआ 9th International Santal Conference
International Santal Council द्वारा आयोजित 9th International Santal Conference का आयोजन Darjeeling district के Siliguri क्षेत्र के पास किया गया था। इस सम्मेलन का उद्देश्य Santal community की संस्कृति, भाषा और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था।
इस सम्मेलन में भारत के अलावा कई अन्य देशों से भी प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई। सम्मेलन में आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक विकास और सामाजिक अधिकारों जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
President Droupadi Murmu इस सम्मेलन की मुख्य अतिथि थीं और उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित भी किया।
Mamata Banerjee की अनुपस्थिति पर उठाया सवाल
अपने संबोधन के दौरान President Murmu ने कहा कि जब President किसी राज्य में जाते हैं तो यह परंपरा रही है कि वहां के Chief Minister और सरकार के वरिष्ठ सदस्य उनका स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार ऐसा नहीं हुआ और उन्हें समझ नहीं आया कि इसका कारण क्या था।
President Murmu ने कहा:
“I am also a daughter of Bengal, and Mamata Didi is like my younger sister.”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस स्थिति के पीछे कोई गलतफहमी थी या कोई अन्य कारण।

कार्यक्रम के venue को लेकर भी उठे सवाल
President Murmu ने Santal Conference के आयोजन स्थल को लेकर भी सवाल उठाए।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह कार्यक्रम पहले Bidhannagar में आयोजित होने वाला था, लेकिन बाद में इसे बदलकर Gossaipur के पास एक अन्य स्थान पर आयोजित किया गया।
President Murmu ने कहा कि पहले प्रस्तावित स्थान अधिक बड़ा था और वहां अधिक लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकते थे।
उन्होंने चिंता जताई कि venue बदलने के कारण कई लोगों के लिए कार्यक्रम में पहुंचना मुश्किल हो गया।
tribal community की भागीदारी पर चिंता
President Murmu ने अपने संबोधन में कहा कि Santal community भारत की महत्वपूर्ण आदिवासी समुदायों में से एक है और उनके सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देना और उन्हें मुख्यधारा में और मजबूत स्थान दिलाना है।
President Murmu ने यह भी कहा कि Santal community ने भारत के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
protocol lapse पर भी उठे सवाल
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि President Murmu ने अपने दौरे के दौरान protocol lapses को लेकर भी चिंता जताई।
आमतौर पर जब President किसी राज्य में आते हैं तो राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री उनका स्वागत करते हैं। लेकिन इस बार ऐसे कई औपचारिक कार्यक्रमों में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति देखी गई।
हालांकि President Murmu ने यह भी कहा कि उन्हें Mamata Banerjee या राज्य सरकार के प्रति कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है।
राजनीतिक विवाद तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद West Bengal politics में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
कई राजनीतिक नेताओं ने इसे protocol issue और प्रशासनिक चूक बताया है, जबकि कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक विवाद का रूप भी दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Santal Conference के दौरान उठे इस मुद्दे से Centre और West Bengal सरकार के बीच पहले से चल रहे मतभेद और स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
Santal community के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम
International Santal Conference आदिवासी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इस सम्मेलन के माध्यम से Santal community से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
इस कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, भाषा संरक्षण और सामाजिक विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और पहलों पर विचार किया जाता है।(source)
President Droupadi Murmu, जो स्वयं एक आदिवासी समुदाय से आती हैं, ने इस सम्मेलन में भाग लेकर Santal community के महत्व और योगदान को रेखांकित किया।
सामाजिक सद्भाव का संदेश
अपने संबोधन के दौरान President Murmu ने North Bengal के सामाजिक सौहार्द की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में Adivasi, Gorkha, Rajbangshi और Bengali समुदाय लंबे समय से शांति और भाईचारे के साथ रहते आए हैं।
President Murmu ने कहा कि यही विविधता और एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि Santal Conference जैसे कार्यक्रम आदिवासी समाज के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।




