March 31, 2026 2:22 PM

VIP Security: कौन पाता है Z+, Y या X कैटेगरी की सुरक्षा और इसका खर्च कौन उठाता है?

VIP Security: अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि किसी बड़े नेता, बिजनेसमैन या फिल्म स्टार को वाई, वाई प्लस या जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। उनके साथ हर समय कई गाड़ियां और सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता आजम

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Monday, October 20, 2025

VIP Security: कौन पाता है Z+, Y या X कैटेगरी की सुरक्षा और इसका खर्च कौन उठाता है?

VIP Security: अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि किसी बड़े नेता, बिजनेसमैन या फिल्म स्टार को वाई, वाई प्लस या जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। उनके साथ हर समय कई गाड़ियां और सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को भी वाई कैटेगरी की सिक्योरिटी दी गई है। लेकिन क्या देश के हर नागरिक जिसे जान का खतरा हो, उसे यह सुरक्षा मिल सकती है?

इस सवाल का जवाब है — नहीं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वीआईपी सुरक्षा केवल उन लोगों को दी जाती है जो सरकार, न्यायपालिका, राजनीति, उद्योग या समाज में किसी महत्वपूर्ण या प्रभावशाली पद पर होते हैं।

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VIP Security: कौन पाता है Z+, Y या X कैटेगरी की सुरक्षा और इसका खर्च कौन उठाता है?

VIP Security: कैसे तय होती है सुरक्षा की कैटेगरी

केंद्रीय सुरक्षा देने का निर्णय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) लेता है। इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ (RAW) जैसी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट को आधार माना जाता है।
इन रिपोर्टों में व्यक्ति के खतरे का स्तर, सार्वजनिक प्रोफ़ाइल और संभावित हमले की संभावना का विश्लेषण किया जाता है।

भारत में सुरक्षा की 6 प्रमुख कैटेगरीज

  1. SPG (Special Protection Group):
    यह सुरक्षा केवल भारत के प्रधानमंत्री और उनके परिवार को दी जाती है। इसकी स्थापना 1988 में की गई थी।

  2. Z+ कैटेगरी:
    इसमें कुल 36 सुरक्षाकर्मी, जिनमें 10 से अधिक NSG कमांडो शामिल होते हैं। यह देश की दूसरी सबसे ऊंची सुरक्षा है।

  3. Z कैटेगरी:
    इसमें 22 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें 4-5 एनएसजी कमांडो और दिल्ली पुलिस या सीआरपीएफ के जवान शामिल रहते हैं।

  4. Y+ कैटेगरी:
    इसमें 11 सुरक्षाकर्मी, जिनमें 1-2 कमांडो और दो पीएसओ (Personal Security Officer) शामिल होते हैं।

  5. Y कैटेगरी:
    इसमें 11 गार्ड होते हैं, लेकिन इसमें कोई कमांडो नहीं होता।

  6. X कैटेगरी:
    यह सबसे निचले स्तर की सुरक्षा है — इसमें सिर्फ 2 सुरक्षाकर्मी (एक पीएसओ सहित) रहते हैं।

कौन उठाता है सुरक्षा का खर्च?

अगर सुरक्षा खतरे के आकलन के आधार पर दी गई है, तो इसका खर्च सरकार उठाती है।
लेकिन कई मामलों में, जैसे Z या Z+ श्रेणी की निजी सुरक्षा, उसका खर्च संबंधित व्यक्ति को खुद उठाना पड़ता है।

VIP Security: कौन पाता है Z+, Y या X कैटेगरी की सुरक्षा और इसका खर्च कौन उठाता है?

किसे मिली कौन सी सिक्योरिटी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी — SPG सुरक्षा

  • गृह मंत्री अमित शाह — Z+ कैटेगरी (सीआरपीएफ द्वारा)

  • योगी आदित्यनाथ — Z+ कैटेगरी (NSG कमांडो द्वारा)

  • मुकेश अंबानी — Z कैटेगरी (CRPF सुरक्षा, निजी खर्च पर)

  • शाहरुख खान — Y+ कैटेगरी (महाराष्ट्र सरकार द्वारा, निजी खर्च पर)

  • अमिताभ बच्चन — X कैटेगरी

  • सलमान खान — Y+ कैटेगरी

  • आमिर खान — Z कैटेगरी

  • आजम खान (सपा नेता) — Y कैटेगरी

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई जजों को एक्स कैटेगरी की सुरक्षा उनके संवैधानिक पद को ध्यान में रखते हुए दी जाती है।

भारत में सुरक्षा का प्रावधान बहुत सोच-समझकर किया जाता है। यह सिर्फ खतरे के आकलन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति की सार्वजनिक भूमिका और प्रभाव को भी ध्यान में रखता है।

आपका क्या मानना है — क्या वीआईपी सुरक्षा सिस्टम में आम नागरिकों के लिए भी समान प्रावधान होने चाहिए?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताएं।

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