March 29, 2026 5:35 AM

Rajasthan Police ने भोपाल से दो पत्रकारों को किया गिरफ्तार, आरोप लगाया ₹5 करोड़ की मांग और झूठी खबरें फैलाने का !!

Rajasthan Police ने “द सूत्र” के दो पत्रकारों को भोपाल से गिरफ्तार किया, आरोप ₹5 करोड़ की मांग और झूठी खबरें फैलाने का।

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Sunday, October 19, 2025

Rajasthan Police ने भोपाल से दो पत्रकारों को किया गिरफ्तार, आरोप लगाया ₹5 करोड़ की मांग और झूठी खबरें फैलाने का !!

Rajasthan Police: राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी से जुड़ा एक मामला अब मीडिया और राजनीति दोनों में चर्चा का विषय बन गया है। राजस्थान पुलिस ने 17 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दो पत्रकारों को हिरासत में लिया और उन्हें जयपुर लेकर आई। इन पत्रकारों पर आरोप है कि उन्होंने दिया कुमारी के खिलाफ झूठी और अपमानजनक खबरें प्रकाशित कीं और उन्हें हटाने के एवज में ₹5 करोड़ की डिमांड की।

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Rajasthan Police ने भोपाल से दो पत्रकारों को किया गिरफ्तार, आरोप लगाया ₹5 करोड़ की मांग और झूठी खबरें फैलाने का !!

जिन दो पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है, उनके नाम हैं आनंद पांडे और हरीश देवेकर। दोनों “द सूत्र” नामक न्यूज़ वेबसाइट से जुड़े हुए हैं — आनंद पांडे इस पोर्टल के एडिटर हैं और हरीश देवेकर मैनेजिंग एडिटर। इन दोनों के खिलाफ जयपुर के करणी विहार पुलिस स्टेशन में नरेंद्र सिंह राठौर नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इन पत्रकारों ने “दिया तले अंधेरा” नाम की एक सीरीज चलाई, जिसमें राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और अपमानजनक थीं। जब उनसे कहा गया कि यह रिपोर्ट्स हटा दें, तो आरोप है कि पत्रकारों ने खबरें डिलीट करने के लिए ₹5 करोड़ की डिमांड की।

जयपुर पुलिस ने एफआईआर में कई धाराएं लगाई हैं जिनमें मानहानि (धारा 356), जबरन वसूली (धारा 308) और आईटी एक्ट की धाराएं शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान जुटाए गए और पाया गया कि रिपोर्ट में दिखाए गए तथ्य सही नहीं थे। साथ ही यह भी आरोप है कि झूठी खबरें हटाने और भविष्य में ऐसी रिपोर्टिंग न करने के लिए पैसे की मांग की गई थी।

दूसरी ओर, “द सूत्र” की टीम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। संस्थान की ओर से कहा गया कि उनकी रिपोर्टिंग पूरी तरह दस्तावेजों और सत्यापन योग्य सबूतों पर आधारित थी। वेबसाइट की ओर से जारी बयान में इसे “पत्रकारिता पर हमला” और “लोकतंत्र के खिलाफ कदम” बताया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपनी ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो पुलिस ने एफआईआर लेने से मना कर दिया।

द सूत्र की वेबसाइट पर जारी बयान में लिखा गया कि “दिवाली से ठीक पहले राजस्थान सरकार ने हमारे दो वरिष्ठ पत्रकारों को गैरकानूनी तरीके से उठाया। हमारे पास सभी तथ्य हैं और हम रीडर फर्स्ट सिद्धांत पर काम करते हैं।” उन्होंने आगे लिखा कि “हम सत्ता से सवाल पूछते हैं, किसी की पालकी नहीं उठाते।”

वहीं पुलिस का कहना है कि मामला 28 सितंबर को दर्ज किया गया था और जांच के बाद 17 अक्टूबर को कार्रवाई की गई। फिलहाल दोनों पत्रकारों से पूछताछ जारी है और आगे कोर्ट में पेशी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Rajasthan Police ने भोपाल से दो पत्रकारों को किया गिरफ्तार, आरोप लगाया ₹5 करोड़ की मांग और झूठी खबरें फैलाने का !!

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